मोहाली। एक तो लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं और ऊपर से कुछ आपराधिक गिरोह लोगों को लूटने में लगे हुए हैं। लॉकडाउन के चलते भी फर्जी बेवसाइट बनाकर लोगों को पेट्रोप पंप की डीलरशिप दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले एक इंटर स्टेट गिरोह का मोहाली पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया है।
यह गिरोह पंजाब समेत 11 राज्यों में सक्रिय था और गिरोह के पकड़े गए 5 सदस्यों ने अभी तक एक करोड़ की ठगी करने की बात कबूली है। पुलिस की ओर से पकड़े गए गिरोह के सभी आरोपी यूपी और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महिंदर सिंह निवासी कबीर कालोनी ग्वालियर मध्यप्रदेश, आसिफ खान निवासी कंटनेमेंट झांसी यूपी, ब्रह्मप्रकाश शुक्ला, जतिंदर सिंह और आश सिंह उर्फ राजू निवासी गांव इमलिया थाना मुस्करा जिला हमीरपुर उत्तरप्रदेश के रूप में हुई है।
इसको लेकर मोहाली के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि यह गिरोह काफी शातिर है और कई राज्यों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य पहले भी कई लोगों को ठग चुके हैं। एसएसपी ऑफिस में शनिवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस के दौरन एसपी इन्वेस्टिगेशन हरमनदीप सिंह हंस और डीएसपी साइबर क्राइम रूपिंदरदीप कौर ने बताया कि गिरोह के मेंबरों का नेटवर्क कई राज्यों में चल रहा था। इस दौरान आरोपी पंजाब, मध्यप्रदेश, बेंगलुरू, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर और कर्नाटक के लोगों को ठग चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी बाकायदा एक फर्जी वेबसाइट बनाते थे और इसके साथ ही ऑनलाइन फर्जी विज्ञापन देते थे। जब लोग इनकी साइट पर विजिट करते थे, तो पूरी सरकारी वेबसाइट की तरह ही यह काम करती थी। लोग वेबसाइट में जाकर अपने आपको इनके यहां रजिस्टर्ड करवा लेते थे। इसके अलावा कुछ लोगों के जो सवाल होते थे, गिरोह के सदस्य उनके फोन पर सवालों के जवाब भी देते थे। इस संबंधी बाकायदा फोन नंबर जारी किए हुए थे। जो कि दिन में सरकारी ड्यूटी के समय के दौरान ही काम करते थे। इसके साथ ही जो लोग इनके चक्कर में आकर पेट्रोल पंप की डीलरशिप लेने के लिए राजी हो जाते थे, उन्हें यह अपने बैंक अकाउंट में पैसे डालने के लिए कहते थे। इसके बाद ठगी का खेल चल जाता था। मोहाली में मटौर थाने में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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डीलरशिप का फर्जी अप्रूवल लैटर और लाइसेंस भी भेजते थे
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के मेंबरों का हौंसला इतना बुलंद था कि लोगों से ठगी करने पर वह उनसे कुछ समय के लिए संपर्क बनाए रखते थे। उन्हें पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए फर्जी अप्रूवल लैटर और अन्य लाइसेंस भेज देते थे। हालांकि यह सब जाली होते थे। जब तक लोग संबंधित कंपनियों के दफ्तर जाते थे तो वहां उनके कागजात देखने के दौरान गिरोह की पोल खुल जाती थी। लेकिन जब तक आरोपियों के वो मोबाइल बंद होते थे, जिन पर लोगोें की बातचीत होती थी। हर नए ग्राहक को एक नए नंबर से ही फोन करते थे, जिससे किसी को शक न हो।
4.90 लाख कैश जब्त, 21 बैंक खाते फ्रीज करवाकर स्कार्पियो और अन्य सामान किया जब्त
मोहाली पुलिस ने आरोपियों से 4 लाख 90 हजार रुपये कैश, एक स्कार्पियो गाड़ी, दो लैपटॉप और इस काम के लिए इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह सभी फोन अब बंद पड़े हैं। आरोपी इतने शातिर थे कि वह पकड़े जाएं तो उनके पैसे पुलिस न निकाल पाए। इसके लिए आरोपियों ने 21 बैंक खातों में रकम जमा करके रखी थी। इन खातों से ढाई लाख रुपये फ्रीज करवाए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। कई और खुलासे हो सकते हैं।
पेट्रोल कंपनियां जारी कर चुकी एडवाइजरी
मिली जानकारी के मुताबिक देश की नामी तेल कंपनियों को इस तरह के गिरोह के बारे में पुलिस की ओर से सूचना मिली हुई है। ऐसे मामले पहले भी हो चुके हैं। ऐसे लॉकडाउन के बीच कंपनियों की तरफ से इस बारे में एडवाइजरी तक जारी की गई थी। ऐेसे में कंपनियों ने लोगों को ऐसे ठगों से बचने की नसीहत दी थी।