मोहाली। मोहाली और न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में सड़कों की चौड़ाई कम करने के प्रस्ताव पर विरोध बढ़ गया है। गमाडा ने 40 फीट चौड़ी सड़कों को 30 फीट करने का प्रस्ताव रखा है। इससे भविष्य में बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव से जाम लगने की आशंका है।
यह बदलाव न्यू चंडीगढ़ की ईको सिटी-3, ईको सिटी-4 और एरोट्रोपोलिस परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है। प्रस्ताव के अनुसार 200 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले क्षेत्रों में 40 फीट की सड़क को 30 फीट किया जाएगा। इसके अलावा 200 फीट चौड़ी प्रस्तावित सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों को 120 फीट और कुछ हिस्सों में 80 फीट तक करने का प्रस्ताव है। विरोध करने वालों का तर्क है कि यह सिर्फ सड़क की चौड़ाई कम करने का मामला नहीं है।
यह एंबुलेंस, दमकल की आवाजाही, बरसाती पानी की निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए उपलब्ध जगह को प्रभावित करेगा। जनता और विशेषज्ञों की आपत्तियां अंतिम फैसले से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
अार्थिक दबाव बढ़ा: गमाडा पर जमीन अधिग्रहण की बढ़ती लागत और वित्तीय देनदारियों के कारण आर्थिक दबाव बढ़ा है। सड़क की चौड़ाई कम करने से अतिरिक्त जमीन की जरूरत घटेगी। इससे अधिग्रहण लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि ने कहा कि यह फैसला भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से उत्पन्न बढ़ी हुई वित्तीय देनदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हालांकि, विरोध करने वाले तत्काल बचत के लिए शहर की दीर्घकालिक जरूरतों से समझौता करने पर सवाल उठा रहे हैं। पंजाब के पूर्व वरिष्ठ टाउन प्लानर जीत कुमार गुप्ता ने कहा कि सड़कें किसी भी शहर की जीवनरेखा होती हैं। बिक्री योग्य जमीन बढ़ाने के लिए सड़कों की चौड़ाई कम करना भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। संवाद