जीरकपुर। जीरकपुर की सोसाइटियों को कचरे का निपटारा अब खुद करना होगा, नहीं तो अगले माह से नगर काउंसिल चालान काटना शुरू कर देगी। क्योंकि नगर काउंसिल जीरकपुर की करीब 141 सोसाइटियों को लगातार तीन बार नोटिस भेज चुकी है। इसके बावजूद सोसाइटियों में एमआरएस यानी मेटेरियल रिकवरी सेग्रिकेटर तैयार नहीं किया गया है।
दरअसल स्वच्छ भारत मिशन और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर जीरकपुर नगर काउंसिल इस मामले में ढ़िलाई बरतने के बाद अब सख्ती करने जा रही है। 2 साल से शहर के सभी अपार्टमेंट्स और सोसाइटियों को बार-बार नोटिस देने के बाद भी इस पर अमल न होने पर अब एमसी चालान करने की तैयारी में है। चालान कोर्ट में दाखिल होंगे। इससे पहले नगर काउंसिल तीन बार नोटिस भेज चुकी है। अभी तक जीरकपुर की महज चार सोसाइटियों में ही कंपोस्ट यूनिट तैयार की गई है।
पांच से 25 हजार तक चालान का प्रावधान
जीरकपुर नगर काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि जिन सोसाइटियों में कंपोस्ट यूनिट तैयार नहीं की गई होगी उनका चालान करने का प्रावधान है। इसके लिए प्रत्येक सोसाइटी का पांच से 25 हजार रुपये तक चालान हो सकता है। अगले माह से चेकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिस सोसाइटी में कंपोस्ट यूनिट तैयार नहीं मिलेेगा वहां पर कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस को हल्के में ले रहे
इस मामले संबंधी सेनेटरी इंस्पेक्टर वरिंदर सिंह ने बताया कि सोसाइटियों और अपार्टमेंट्स को पहले कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। लोग इन नोटिसों को हल्के में ले रहे हैं। उनके द्वारा कई बहाने बनाए जा रहे हैं। लेकिन जब चालान होंगे या कोर्ट में पेश होना पड़ेगा तब ही लोग मानेंगे।