मोहाली। फेज-1 स्थित 46 साल पुरानी खोखा मार्केट की 47 अवैध दुकानों पर सोमवार को गमाडा ने कार्रवाई की। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने तो खोखे खाली कर दिए। वहीं कुछ दुकानदार प्रशासन का विरोध करते नजर आए। विरोध करने वाले दुकानदारों को पुलिस ने एक साइड करके गमाडा ने बुलडोजर की मदद से अवैध खोखों को तोड़ दिया। कुछ ही घंटों में गमाडा ने जगह खाली करवाकर निशानदेही के बाद कब्जा जमा लिया।
गमाडा के एसडीओ साहिल ने बताया कि तीन दिन पहले दुकानदारों को इस संबंध में पब्लिक नोटिस भेजकर खोखे खाली करने को कहा था। इसके अलावा मार्केट में भी जगह-जगह नोटिस चस्पा किए गए थे पर कुछ दुकानदारों ने नोटिस के बावजूद जगह नहीं छोड़ी। इसके बाद अधिकारियों की टीम पूरे अमले के साथ फेज-1 स्थित खोखा मार्केट पहुंच गई। उनके साथ डीएसपी सिटी-1 सुखनाज सिंह भी पुलिसफोर्स के साथ पहुंच गए। एकाएक एरिया को सील करके आवाजाहीको दूसरे रास्तों की तरफ डायवर्ट किया गया। इस दौरान लोगों को आने-जाने में परेशानी तक उठानी पड़ी। सुबह करीब सवा 11 बजे गमाडा के अधिकारियों ने एक के बाद एक दुकान की डीमार्केशन की और इन्हें अपना सामान बाहर निकालने का 15 मिनट का समय दिया। अधिकतर खोखे वाले सामान निकालकर उन्हें खाली कर चुके थे लेकिन कुछ दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध किया लेकिन विभाग ने पुलिस की मदद से कार्रवाई को पूरा किया।
गमाडा की कार्रवाई का दुकानदारों ने जमकर किया विरोध
जानकारी के अनुसार, दुकानदार बलविंदर सिंह, करम सिंह, मनदीप सिंह और गुरमुख सिंह ने गमाडा की इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। दुकानदारों ने कहा कि उन्हें केवल 3 दिन पहले नोटिस मिला है दुकान को खाली करवाने का, जो बिल्कुल गलत है। जबकि नियमों के मुताबिक किसी जगह को खाली करवाने के लिए कम से कम 1 महीने का नोटिस दिया जाता है। लेकिन अधिकारियों ने नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए सोमवार को पीला पंजा की मदद से दुकानों को गिराना शुरू कर दिया। गमाडा ने एक बार भी नहीं सोचा कि कोरोना काल की वजह से पहले ही काम धंधे ना के बराबर है और ऐसे समय में दुकानें खत्म हो जाने के बाद परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे। एकाएक दुकानदारों ने मीडिया के कैमरों में आगे आकर गमाडा के अधिकारियों को चैलेंज दिया, परन्तु पुलिस विभाग ने दुकानदारों की एक न चलने दी। दुकानदारों को एक तरफ करके बुल्डोजर को जगह देकर कार्रवाई को अंजाम दिया।