मोहाली। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के तीन नए कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में भाजपा नेताओं के बहिष्कार का सिलसिला वीआईपी सिटी तक आ पहुंचा है। रविवार को शहर के यूथ क्लबों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए धरना दिया और केंद्र सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश के सामाजिक बहिष्कार का एलान किया। इस धरने के कारण एयरपोर्ट रोड पर यातायात बाधित रहा।
रविवार को शहर के यूथ क्लबों ने किसान आंदोलन के समर्थन में गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां के बाहर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड पर धरने पर बैठ गए। जिससे एयरपोर्ट रोड पर यातायात बाधित हो गया और पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता सोम प्रकाश के सामाजिक बहिष्कार का एलान किया। ये लोग सोम प्रकाश के निवास पर जाकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन सोम प्रकाश के दिल्ली में होने के कारण उनके निवास पर प्रदर्शन को टाल दिया गया। रविवार को हुए प्रदर्शन में शहर के यूथ क्लबों सहित किसान संगठनों के कार्यकर्त्ता भी शामिल हुए।
वहीं, धरने की अगुवाई कर रहे जगदेव मलोआ ने यहां संबोधित करते हुए कहा कि सोम प्रकाश को पंजाब के लोगों ने अपनी नुमाइंदगी के लिए चुन कर संसद में भेजा है। मलोआ का कहना था कि इस समय सोम प्रकाश को पंजाब के किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह किसानों के साथ हुई केंद्र सरकार की बैठक में भाजपा का पक्ष रखते नजर आए। जो कि सरासर किसान विरोधी है। मलोआ ने सवाल खड़ा किया कि खुद को किसानों का पक्षधर कहने वाले सोम प्रकाश किसान आंदोलन में पहुंच कर किसानों के साथ धरने पर क्यों नहीं बैठे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हरियाणा सहित पंजाब के अन्य जिलों की तर्ज पर मोहाली में भी भाजपा नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मोदी सरकार का विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीनों कानूनों को रद्द नहीं कर दिया जाता। प्रदर्शनकारियों में यूथ क्लबों और किसान संगठनों से जुड़े डॉ. सनी आहलूवालिया, प्रिंस धालीवाल, जस चाहल, जसविंदर सिंह, अमन तंगोरी, राम सिंह, सुखदेव सिंह, जोधा सिंह, भाग सिंह और बलदेव खरड़ सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
भाजपा के लिए किसान संगठनों की अहम कड़ी हैं सोम प्रकाश
शहीद भगत सिंह नगर के दौलतपुर में वर्ष-1949 में सोम प्रकाश का जन्म दलित परिवार में जन्म हुआ था। वर्ष-1972 में सोम प्रकाश पंजाब राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए चुने गए। 1988 में सोम प्रकाश को पीसीएस से आईएएस के तौर पर प्रमोशन मिला। नौकरी से सेवानिवृत्त हुए, तो राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष-2009 में होशियारपुर से लोकसभा के चुनाव लड़े और 400 वोटों से हार गए। इसके तीन साल बाद विधानसभा चुनाव में आरक्षित फगवाड़ा विधानसभा से बीजेपी के टिकट पर जीते। 2017 में फिर फगवाड़ा विधानसभा से जीते। वर्ष-2019 का लोकसभा चुनाव होशियारपुर सीट से लड़ा और कांग्रेस के चब्बेवाल को करीब 50 हजार वोटों से हरा दिया। केेंद्रीय कैबिनेट में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का जिम्मा सोम प्रकाश को मिला। इस साल सितंबर में शिरोमणि अकाली दल ने किसानों के मुद्दों पर बीजेपी से नाता तोड़ा, तो भाजपा ने सनी देओल, अनुराग ठाकुर, गौतम गंभीर, हंसराज हंस, हरदीप सिंह पुरी सहित सोम प्रकाश को किसान संगठनों और नेताओं तक पहुंच बनाने की जिम्मेदारी दी। पंजाब के दोआबा के छोटे किसानों से संवाद करना हो या अकाली दल की पकड़ वाले संगठनों में बात पहुंचानी हो, सोम प्रकाश इस किसान आंदोलन के समय भाजपा के लिए अहम कड़ी बने हुए हैं। किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच हो रही बैठकों में वह मौजूद रहते हैं।