जीरकपुर। रामलीला का विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ महिलाएं रामलीला मंचन के लिए अड़ीं है। दूसरी तरफ कुछ हिंदू संगठन महिलाओं की रामलीला को बंद करवाने व एकता नागपाल के खिलाफ केस दर्ज करवाने पर अड़े हैं। रामलीला के विवाद में महिलाओं की अपनी धारणा है और हिंदू संगठनों की अपनी धारणा है। एक तरफ महिलाओं का कहना है कि ऐसा कोई संविधान या ग्रंथ नहीं है जिसमें लिखा हो कि महिलाएं रामलीला नहीं कर सकती हैं। पंचकूला के यवनिका पार्क में होने वाली रामलीला की भव्य तैयारी की जा चुकी है और महिलाओं ने अभ्यास भी किया। यह रामलीला जड़ों से जुड़ाे संस्था की ओर से करवाई जा रही है। संस्था की संचालक एकता नागपाल ने कहा के हम कोई गलत काम नहीं कर रहे रामलीला कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने बताया कि वृंदावन में कृष्ण लीला की जाती है। एकता नागपाल ने बताया कि राम लीला में राम जी की शादी का सीन आता है तो वहां दो महिलाएं तो आपस में ऐडजस्ट कर सकती हैं लेकिन एक महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ वह सीन नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि हमारी टीम की महिलाएं जितने दिन रामलीला करती हैं ब्रह्माचार्य का ध्यान रखा जाता है। आज का तकनीकी युग है। हनुमान जी का रोल मेरी बेटी जान्हवी नागपाल द्वारा किया जाता है जो अभी शादीशुदा नहीं है। इसमें बुराई क्या है। उन्होंने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान, परशुराम के अलावा जो किरदार किए जाते हैं क्या वह आदरणीय नही हैं। हमारे लिए सब आदरणीय हैं। हम रामलीला मंचन श्रद्धा से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान जी और परशुराम का का किरदार करने वाले पुरुष ब्रह्मचार्य, शराब, मीट आदि का सेवन नहीं करते। क्या वह पूर्ण तौर पर ब्राह्मचार्य का पालन करते हैं जो हमें रोका जा रहा है। एकता नागपाल ने बताया कि भगवान राम का रोल आभा शुक्ला, लक्ष्मण का रोल पलवी पिंगे, हनुमान का रोल जान्हवी नागपाल, रावण का रोल रुचिता गर्ग, परशुराम का रोल नीतू, कुंभ करण का रोल विनि गोथंकर द्वारा किया जा रहा है।
पंचकूला-जीरकपुर बैरियर बंद करने की चेतावनी
हिंदू संगठनों के सदस्यों ने बुधवार को ढकोली थाने जाकर विरोध दर्ज करवाया और इस दौरान वीरवार को पंचकूला-जीरकपुर बैरियर बंद करने और 23 सितंबर को पंचकूला में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। रोहित शर्मा, नरिंदर कुमार व विजय दत्ता ने कहा कि यदि पुलिस व प्रशासन ने उनकी बात न सुनी तो वह 23 सितंबर को पंचकूला में अपने आप को आग लगाकर आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण, परशुराम और हनुमान जी का किरदार छोटी बच्चियां या पुरुष निभाते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नही है। अगर महिलाओं द्वारा ये किरदार निभाए जाते हैं तो वह जान देने से भी नहीं हिचकेंगे।