लॉकडाउन के बाद जीरकपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में अब उछाल आ गया है। हालत यह है कि यहां मांग ज्यादा है और उसके मुकाबले प्रॉपर्टी कम हैं। लॉकडाउन के दौरान ही जीरकपुर में पांच से सात हजार संपत्तियां बिक चुकी हैं, इनमें प्लॉट, फ्लैट और कोठियां शामिल हैं।
रियल एस्टेट में बूम की वजह हैं एनआरआई, जिन्होंने अपने आशियाने चंडीगढ़ या उसके आसपास बनाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही दूसरे राज्यों में काम के लिए गए लोगों में से पच्चीस फीसदी की घर वापसी हो चुकी है। इसकी वजह से संपत्ति के दामों में तेजी आ गई है। वहीं, कच्चे माल की कीमत में 25 फीसदी से ज्यादा उछाल आ चुका है।
एक साल में बिकी सात हजार प्रापर्टी
रियल एस्टेट में लॉकडाउन से ही उछाल आ चुका है। यहां नई यूनिट्स ज्यादा नहीं हैं और जो यूनिट्स थीं, उनकी संपत्तियां बिक चुकी हैं। एक आकलन के अनुसार पिछले एक साल के दौरान जीरकपुर में करीब सात हजार संपत्तियां बिकी हैं। जहां तक दाम की बात है, तो उसके बढ़ने की एक वजह कच्चे माल की कीमत में 25 फीसदी इजाफा भी है।
-प्रतीक मित्तल, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, सुषमा ग्रुप
लॉकडाउन के बाद ज्यादातर लोगों को यह समझ में आया कि अपना घर ही बेहतर है। जैसे ही लॉकडाउन खुला तो लोगों ने अपने घर लेने की शुरुआत की। सरकार ने भी होम लोन की दरों को कम कर दिया और तमाम फायदे देने शुरू कर दिए। इसकी वजह से घर खरीदना आसान हो गया।
- प्रवीन मित्तल, एमडी, रॉयल एस्टेट ग्रुप
अब पहले
जीरकपुर में दो बीएचके 35 लाख 25 लाख
जीरकपुर में थ्री बीएचके 45 लाख 35 लाख
जीरकपुर में छोटे प्लाट (100 गज) 35 लाख 25 लाख
जीरकपुर में बड़े प्लाट (200 गज) 60 लाख 50 लाख
निर्माण सामग्री में हो गई वृद्धि
संपत्ति के दामों में उछाल की वजह निर्माण सामग्री का महंगा होना भी है। ईंट की कीमत में ही 83.78 फीसदी का उछाल आ चुका है। इसकी वजह से मकान की कीमत काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। इसके साथ ही सरिए की कीमत भी पचास फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है।
2018 2019 2020 2021 वृद्धि
सरिया ( रुपये-किलो) 40 42 45 60 50.00
सीमेंट (बैग) 230 257 275 340 47.83
कोर सैंड (साफ्ट) 23 25 28 37 60.87
ईंट (एक हजार) 3700 4300 5300 6800 83.78
सीपीवीसी पाइप (एमटीआर) 120 150 160 210 75.00
एल्युमीनियम केबल (मीटर) 278 310 320 411 47.84
4 कोर केबल इलेक्ट्रिकल (मीटर) 58 60 62 78 34.48
डीजल (लीटर) 65 67 75 89 40.00