जीरकपुर। बलटाना पुलिस चौकी एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। रेप पीड़िता मामले में कार्रवाई न करने के आरोप में हटाए गए सब इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह को दोबारा इस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। पिछले छह महीने के भीतर यहां तैनात रहे दोनों चौकी इंचार्ज गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में रहे हैं। सब इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह उस समय चौकी प्रभारी थे, जब एक रेप पीड़िता ने न्याय न मिलने से परेशान होकर चौकी परिसर में खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसी युवती ने बाद में पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, जिसके बाद गुरप्रीत सिंह को लाइन हाजिर कर चौकी से हटा दिया गया था। अब उनकी उसी चौकी में दोबारा तैनाती से पुलिस विभाग के फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बलटाना चौकी के अधीन बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस आते हैं। आरोप है कि इन प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों के कारण इस चौकी को संवेदनशील और मलाईदार पोस्टिंग माना जाता है।
हरजिंदर सिंह के हालिया विवाद
गुरप्रीत सिंह की जगह तैनात किए गए सब इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह भी विवादों में घिर गए थे। उन पर 20 हजार रुपये मासिक राशि न मिलने पर एक होटल संचालक की दो बहनों से मारपीट का आरोप लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने उन्हें लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी। हरजिंदर सिंह का नाम इससे पहले भी विवादों में रहा है वर्ष 2022 में उनके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो, मोहाली ने एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था। यह मामला वर्तमान में मोहाली की अदालत में विचाराधीन है। ढकोली निवासी प्रमोद बजाज ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर हरजिंदर सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। शिकायत में उन पर नशा करने और अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
मेरे पास गुरप्रीत सिंह ऑफिशियल ज्वाइन करने के ऑर्डर आ गए हैं। वही बलटाना के चौकी इंचार्ज है। -जसवीर सिंह तूर, प्रभारी, जीरकपुर पुलिस थाना।