जेल मैनुअल के अनुसार ऑनलाइन शामिल किया जाए आरोपी: अदालत
अदालत ने कहा- आरोप गंभीर, 2015 में नामधारी सदगुरुओं को बम से उड़ाने की रची थी साजिश, नहीं दी जा सकती जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। जालंधर में 2015 में कार बम ब्लास्ट के आरोपी बलविंदर सिंह उर्फ डिंपल की मोहाली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को जमानत याचिका रद्द कर दी है। उसने नामधारी सदगुरुओं को बम से उड़ाने की साजिश रची थी। अदालत में उसने अपनी मां के भोग में शामिल होने के लिए जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत याचिका रद्द कर दी है।
अदालत ने कहा कि आरोपी पर बहुत गंभीर आरोप हैं। इससे पहले वह उच्च अदालत में भी जमानत याचिका लगा चुका है जो कि रद्द हो गई है। इस कारण जिला अदालत से भी इसे जमानत देने का कोई आधार नहीं है। हालांकि उसकी मां के भोग में शामिल होने का उसका अधिकार है। इसके लिए जेल मैनुअल के हिसाब से ऑनलाइन किसी भी माध्यम से इसमें शामिल किया जाए।
जानकारी के मुताबिक 2015 में पंजाब पुलिस ने पिंकी शर्मा नाम की महिला के बयानों पर मुकदमा दर्ज किया था। इसमें महिला ने बताया था कि उसका पति अजय शर्मा कपड़ों का व्यापारी है। चार दिसंबर 2015 को शाम करीब 7:30 बजे जगमोहन सिंह उर्फ मंगा के साथ उसका पति स्विफ्ट कार से गया था लेकिन वह वापस नहीं आया। सुबह महिला को पता चला कि उसके पति का बम ब्लास्ट कर मर्डर कर दिया गया है। जब पंजाब पुलिस ने आरोपी जगमोहन सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि अजय शर्मा तीन टिफिन बम लेकर आया था। आरोपियों की साजिश नामधारी प्रमुख सत्गुरु उदय सिंह और संत जगतार सिंह को हरिवल्लभ संगत सम्मेलन 2015 के दौरान बम से उड़ाने की थी, लेकिन जब अजय बम की जांच करने लगा तो वह फट गया था।
पूछताछ में पता चला था कि बलविंदर सिंह इस मामले का मुख्य आरोपी था। उसने सीबीआई अदालत में कहा था कि 90 साल की उसकी मां की स्तर कैंसर से 15 जून को मौत हो गई है। उसका भोग 28 जून को है इसलिए उसे जमानत दे दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से आरोपी की जमानत याचिका का विरोध किया गया। उनकी तरफ से दलील दी गई कि आरोपी के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर बहुत गंभीर आरोप हैं। अगर उसे जमानत मिलती है तो वह गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका रद्द कर दी।