याचिकाकर्ता के वकील ने कहा- मनी टोपी ने शिकायतकर्ता को मुक्के मारे, इरादा कत्ल में कोई आरोप नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली अदालत में इरादा कत्ल मामले में जेल में बंद अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी मामले की सुनवाई हुई। मनी टोपी ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में सीआरपीसी की धारा 439 के तहत नियमित जमानत याचिका लगाई थी।
सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मनी टोपी पर संगीन अपराध है। मनी टोपी व उसके साथियों के खिलाफ असलम खान निवासी जीरकपुर ने चाकू व गंडासी से हमला करने का आरोप लगाया था। जीरकपुर पुलिस ने मामले में 20 सितंबर को सभी के खिलाफ जीरकपुर थाने में इरादा कत्ल की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। सरकारी वकील ने अदालत में इस केस में हुई बरामदगी व रिकार्ड भी पेश किया और मनी टोपी की नियमित जमानत याचिका को रद्द करने की बात कही। वहीं मनी टोपी के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उसे 22 अक्तूबर 2023 को मामले में गिरफ्तार किया गया था। मनी के खिलाफ केवल यह आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता को मुक्कों से मारा है, इसलिए आईपीसी की धारा 307 के संबंध में उस पर कोई आरोप नहीं है। हिरासत के दौरान याचिकाकर्ता को छिपाए गए पिस्टल, पांच कारतूस और स्कूटी पुलिस को बरामद करवा दी गई थी।
मनी टोपी के वकील ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी को मामले में आगे की पूछताछ या रिकवरी उद्देश्यों के लिए आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा मौजूदा मामले में बरामदगी पहले ही की जा चुकी है। मनी को अनिश्चितकाल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, खासकर तब जब वह जमानत के सभी नियमों और शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। अदालत ने सभी दलीलें सुनने के बाद अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी की नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया और उसे 40 हजार रुपये की राशि के निजी बांड भरने के निर्देश दिए।
यह है मामला
असलम खान ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसका सुभाष नाम के शख्स से करीब छह महीने पहले झगड़ा हुआ था। 19 सितंबर 2023 को उसके दोस्त साहिल ने फोन किया और झगड़े में समझौता करने के लिए कहा। उसने कहा कि सुभाष उसे मनी टोपी के घर बुला रहा है। वह अपने दोस्त साहिल के साथ उसके घर के बाहर चला गया। वहां मनी टोपी, सुभाष और दो अन्य लोगों की आपस में बातचीत चल रही थी। तभी उनमें से एक अज्ञात व्यक्ति घर के अंदर गया और एक चाकू व गंडासी लेकर वापस आया। उसने चाकू सुभाष को दे दिया। इसी समय सुभाष ने ललकारा मारकर असलम को पकड़ने के लिए कहा। मनी टोपी और एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे बाजुओं से पकड़ लिया और सुभाष ने चाकू से उसके पेट पर वार कर दिया। सुभाष ने चाकू का दूसरा वार किया जो उसके बाएं हाथ में आर-पार हो गया। तभी मनी टोपी और अज्ञात लोगों ने भी उस पर हमला कर दिया। जब उसका दोस्त उसे छुड़ाने आया तो उसे भी बुरी तरह से पीटा। उनका शोर सुन लोग मौके पर इकट्ठे हो गए। इस दौरान सभी आरोपी उन्हें यह धमकी दे रहे थे कि दोबारा मिले तो बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद वे अपने हथियारों के साथ भाग गए थे।