जिले को पूर्ण रूप से नशा मुक्त करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नशा मुक्ति मुहिम को लोगों से पूरा बल मिल रहा है। यह जानकारी डीसी डीएस मांगट ने दी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग नशा मुक्ति केंद्रों में अब तक 6099 मरीजों का इलाज किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सेक्टर-66 में तीन करोड़ पांच लाख रुपये की लागत से पुनर्वास केंद्र बनाया गया है।
सेंटर में अति आधुनिक किस्म के पांच वार्ड बनाए गए हैं। इसमें दो डॉक्टर रूम, एक आइसोलेशन रूम, रीकरेशन रूम, मैनेजर रूम, रिस्पेशन रूम, सोशल वर्कर रूम, सुपरवाइजर रूम, रसोई व डाइनिंग रूम के अलावा जिम की व्यवस्था की गई है। वहीं, डीसी ने बताया कि कोई व्यक्ति नशा बेचता है तो इस संबंध में उसे जागरूक किया जा सकता है। डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की है यदि आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति नशा करता है तो उसे नशा मुक्ति केंद्र में लेकर आना चाहिए। ताकि, नशा मुक्त होकर एक साधारण व्यक्ति की तरह अपनी जिंदगी बिता सके।