मोहाली। बाहर दिन के बाद मानसून शुरू होने वाला है। ऐसे में कभी कभार कई दिन तक भारी बरसात होने की भी संभावना रहती है, जिससे कई-कई फुट पानी भरने से बाढ़ भी आ सकती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। इसके मद्देनजर शुक्रवार को डीसी गिरीश दियालन ने अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इस मौके पर डीसी ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि 12 दिनों में करीब 30 जून तक सभी नालों और चो की सफाई का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बरसाती पानी की निकासी में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए। इसके साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट, टेंट, बांस, पॉलीथीन शीट्स, तिरपाल और सर्च लाइटों का प्रबंध करने को कहा है। उन्होंने साफ किया है कि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
इस अवसर पर डीसी गिरीश दियालन ने जिले के अधिकारियों से कहा कि जिले में से गुजर रही प्रमुख और लिंक सड़कों पर बने पुल और पुलियों की सफाई को यकीनी बनाया जाए। इस काम में किसी भी प्रकार की कोताही न रह जाए और यह पूरा काम एसडीएम की अगुवाई में किया जाएगा। इसके साथ ही जिले से गुजरती साभी ड्रेन लाइनें, चो आदि की सफाई का काम पहल के आधार पर करवाया जाएगा, जिससे बरसाती पानी से निपटा जा सके।
इस ऑनलाइन मीटिंग में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर- विकास राजीव गुप्ता, कमिश्नर नगर निगम कमल कुमार गर्ग, एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन, एसडीएम मोहाली जगदीप सहगल, एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बाबा और अन्य अधिकारी जुड़े हुए थे।
शहरी इलाके में किए जाएंगे यह काम
डीसी की ओर से नगर निगम के कमिश्नर और नगर परिषदों के ईओ को निर्देश दिए गए हैं कि शहरी क्षेत्र की स्टॉर्म ड्रेनों को साफ किया जाए। इसके साथ ही नगर निगम और नगर परिषदों की सीमाओं से गुजरते निकासी नालों और चो की डी-लिस्टिंग करवाई जाए। इसके साथ ही सभी पंपिंग सेटों को भी चालू हालत में रखा जाए।
खुराक और सेहत विभाग को सौंपी यह जिम्मेदारी
इस मौके पर डीसी ने फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारियों को किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति में खाने पीने के सामान का प्रबंध करने की हिदायत दी है। सेहत विभाग के अधिकारियों को बरसात के मौसम से पहले बीमारियां फैलने से रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि अगर बाढ़ की स्थिति आती है तो ऐसे में प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए सरकारी इमारतों की पहले पहचान करें। इसके साथ ही एसडीएम, तहसीलदार, जिला खुराक एवं सप्लाई कंट्रोलकर और सेहत विभाग को बाढ़ आने की स्थिति में राहत कैंप लगाने होंगे।