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ट्रेन रूट में बदलाव, सात अक्टूबर से चंडीगढ़ होते हुए अमृतसर-बांद्रा एक्सप्रेस जाएगी मुंबई

Thu, 11 Jun 2020 11:10 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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सात अक्टूबर से अमृतसर-बांद्रा एक्सप्रेस चंडीगढ़ होते हुए जाएगी। जबकि बांद्रा से अमृतसर जाने वाली इस ट्रेन के रूट में बदलाव 5 अक्टूबर से प्रभावी होगा। वहीं अमृतसर से रोजाना सुबह बांद्रा (मुंबई) जाने वाली ट्रेन पश्चिम एक्सप्रेस के रूट में बदलाव 7 अक्टूबर से प्रभावित होगा।
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ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वर्तमान में कालका से अंबाला के लिए पश्चिम एक्सप्रेस के 5 कोच अंबाला पहुंचने पर अमृतसर से आई पश्चिम एक्सप्रेस से जोड़े जा रहे हैं, जिससे काफी ज्यादा समय, मैनपावर और बिजली खर्च हो रही है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है कि अमृतसर से चलने वाली ट्रेन को वाया चंडीगढ़ चलाया जाए।

नए रूट में बदलाव होने से कालका से बांद्रा जाने वाले यात्रियों की जहां दिक्कत बढ़ेगी, वहीं, चंडीगढ़ के लोगों को अमृतसर के लिए एक और ट्रेन मिल जाएगी। अभी यह ट्रेन सुबह 8.10 पर अमृतसर से रवाना होती है, लेकिन 7 अक्टूबर से यह ट्रेन 7.50 पर अमृतसर से रवाना होगी और दोपहर 12.15 पर चंडीगढ़ पहुंचेगी। चंडीगढ़ रुकेगी पांच मिनट रूकेगी।
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अभी यह ट्रेन अमृतसर से राजपुरा होते हुए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है। लेकिन, 7 अक्टूबर से अमृतसर से साहनेवाल रूट पर चंडीगढ़ होते हुए अंबाला जाएगी। ऐसे में रेलवे ने इस ट्रेन के तीन स्टॉपेज खत्म कर दिए हैं, जिनमें अंबाला सिटी, सरहिंद और खन्ना शामिल हैं।

अमृतसर से अंबाला के बीच ट्रेन के रूट में बदलाव होने के कारण अब इस ट्रेन के स्टॉपेज ब्यास, जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, फगवाड़ा, लुधियाना चंडीगढ़ और अंबाला कैंट होंगे। ध्यान रहे कि रेलवे की ओर से 1 जून से पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की गई है और इसे पश्चिम एक्सप्रेस स्पेशल के नाम से चलाया जा रहा है।

दो ट्रेनों की जगह अब चलेगी सिर्फ एक
मौजूदा समय में पश्चिम एक्सप्रेस नाम से दो ट्रेनें चल रही हैं। अमृतसर से चलने वाली ट्रेन नंबर-12926 है। जबकि चंडीगढ़ की तरफ से आने वाली 22926 है। इन दोनों ट्रेनों को अंबाला कैंट पहुंचने पर शंटिग कर एक साथ कर दिया जाता था। जिसमें करीब आधे घंटे का समय लग जाता था।

इसी तरह जब यह ट्रेन मुंबई से वापस आती थी तो अंबाला कैंट पहुंचने पर 5 कोच अलग कर नया इंजन लगाया जाता था और उसे चंडीगढ़ की ओर रवाना किया जाता था। इसमें काफी ज्यादा समय, पैसा और मैनपावर लग रही थी।

वहीं, ट्रेन को वाया चंडीगढ़ किए जाने पर अमृतसर, जालंधर और लुधियाना के लोगों को काफी ज्यादा फायदा होगा। चंडीगढ़ और अमृतसर से दो ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा लाल कुआं भी वाया चंडीगढ़ जाती है। मगर वह ट्रेन केवल बुधवार को होती है। जबकि अब पश्चिम एक्सप्रेस का रूट वाया चंडीगढ़ हो जाने पर यात्रियों की सुविधा के लिए रोजाना दो ट्रेनें हो जाएंगी।
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