मोहाली। नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फेज-7 में स्थित नगर निगम के वार्ड-11 की पार्षद अनुराधा आनंद ने निगम अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद वार्ड में न तो नियमित सफाई की जा रही है, न ही पेड़ों की छंटाई के लिए मशीन भेजी जा रही है। पार्षद के अनुसार स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब इलाके के निवासी मजबूरी में खुद पेड़ों की ट्रिमिंग करवाने को विवश हैं।
इससे न सिर्फ सुरक्षा जोखिम बढ़ता है, बल्कि नगर निगम पर लोगों का भरोसा भी कम होता जा रहा है। अनुराधा आनंद कहना है कि जब भी निगम अधिकारियों से पेड़ों की छंटाई के लिए मशीन भेजने की मांग की जाती है, तो हर बार एक ही जवाब मिलता है, ड्राइवर नहीं है। मशीन स्पेशल ड्यूटी पर भेजी गई है। पार्षद ने सांसद मलविंदर सिंह कांग, विधायक कुलवंत सिंह और मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू से मांग की है कि निगम अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।
निवासियों का कहना है कि फेज-7 में कई दिनों से सड़क किनारे कचरा जमा है, जबकि बढ़े हुए पेड़ ट्रैफिक और बिजली लाइनों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो लोग निगम के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं।