फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहाली: नशा तस्करी केस में फंसे बिक्रम मजीठिया की न्यायिक हिरासत चार मई तक बढ़ी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी

Tue, 19 Apr 2022 02:13 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

बिक्रम मजीठिया पर पिछली कांग्रेस सरकार ने ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने ड्रग तस्करों को पनाह दी। साथ ही वे इस मामले में शामिल थे। एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
अकाली नेता बिक्रम मजीठिया। - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करोड़ों रुपये की नशा तस्करी से जुड़े मामले में सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की मंगलवार को मोहाली कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मजीठिया की न्यायिक हिरासत को चार मई तक बढ़ा दिया है। हालांकि मजीठिया के वकीलों की तरफ से अदालत में इस दौरान किसी भी तरह की कोई याचिका नहीं लगाई गई। गत सुनवाई पर जेल में उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं व उचित सुरक्षा मुहैया करवाने संबंधी आदेश जेल अथॉरिटी को दिए गए थे।

विज्ञापन


बिक्रम मजीठिया पर पिछली कांग्रेस सरकार ने ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने ड्रग तस्करों को पनाह दी। साथ ही उनपर इस मामले में शामिल होने का भी आरोप है। यह कार्रवाई एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। वहीं अकाली दल एवं मजीठिया का कहना था कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत उन पर केस दर्ज किया गया है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विधानसभा चुनाव के बाद अदालत में सरेंडर करने को कहा था। इसके बाद उन्होंने अमृतसर ईस्ट से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ चुनाव लड़ा था और फिर मोहाली अदालत में सरेंडर कर दिया था। हालांकि चुनाव में वह हार गए थे। 

पंजाब की नई सरकार ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ जांच कर रही एसआईटी का पुनर्गठन किया है। नई एसआईटी की निगरानी आईजीपी (अपराध) गुरशरण सिंह संधू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी पुलिस विभाग के संबंध में यह पहला आदेश था। नई टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी एआईजी डॉ. राहुल एस कर रहे हैं। इसमें चार अन्य सदस्य हैं। इस मामले की जांच कर रही पिछली एसआईटी में एआईजी बलराज सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें