मोहाली। निगम चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के साथ ही अकाली दल मेे बगावत हो गई। पूर्व पार्षदों और अकाली दल के वरिष्ठ नेताओ ने ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पार्टी से ऊपर उठकर मेयर कुलवंत सिंह की अगुवाई में चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। इसमें बड़ी गिनती में वह नेता भी है, जो कि अकाली दल की टिकट हासिल करने में कामयाब रहे हैं। जबकि एक अकाली नेेेता अर्जुन सिंह शेरगिल टिकट मिलने के बाद सीधे आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। इसके साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र तक दे दिया है। ऐसा होने से एक बार फिर अकाली दल पांच साल पुराना इतिहास दोहराने की कगार पर पहुंच गया। क्योंकि उस समय हलका इंचार्ज बलवंत सिंह रामूवालिया की तरफ से मेयर कुलवंत सिंह के उम्मीदवारों को टिकट नहीं दी थी। इसके बाद कुलवंत सिंह ने आजाद ग्रुप बनाकर चुनाव लड़ा था। इसके साथ ही बाद में कांग्रेस के साथ मिलकर शहर के मेयर बने थे।
जानकारी के मुताबिक इस बार भले ही बलवंत सिंह रामूलवालिया मैदान में नहीं हैं। सीनियर अकाली नेता और पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा व पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के राजनीतिक सलाहकार चरनजीत सिंह बराड़ ने जिस तरीके से 28 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। उससे ही कुलवंत सिंह के समर्थक पूर्व पार्षदों में रोष पाया जा रहा था। इसी बीच पूर्व पार्षदों द्वारा सोमवार को खुलकर कुलवंत सिंह के समर्थन में आने के एलान से पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और चरनजीत सिंह बराड़ को झटका माना जा रहा है।
पहले भी उठा चुकी थी यह मांग
हालांकि इससे पहले भी ज्यादातर पूर्व पार्षद मांग कर चुके है कि नगर निगम चुनाव कुलवंत सिंह की अगुवाई में लड़ी जाए। लेेकिन पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों की चयन के लिए प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की अगुवाई में एक कमेटी का गठन कर दिया गया था। कई नेताओं ने इसके खिलाफ आवाज भी उठाई थी। यहां तक मांग उठ रही थी कि इस बार चुनाव पार्टी के निशान पर न लड़ा जाए। लेकिन पार्टी के नेताओं की बात को अनसुना कर दिया गया।
इन नेताओं ने उठाई आवाज
इस मौके पर परविन्दर सिंह सोहाना, सुरिन्दर सिंह रोडा, परमजीत सिंह काहलों, गुरमुख सिंह सोहल, बीबी कुलदीप कौर कंग, रमनप्रीत कौर कुंभड़ा, गुरमीत सिंह वालिया, फूलराज सिंह, हरपाल सिंह चन्ना, आर.पी. शर्मा, सरबजीत सिंह, राजिन्दर कौर कुंभड़ा, गुरमीत कौर, रवीन्द्र सिंह बिंद्रा, जसपाल सिंह मटौर, जसवीर कौर अतली, अवतार सिंह वालिया, उपिन्दरप्रीत कौर, रजनी गोयल, कमलजीत कौर, हरमनजोत सिंह कुंभड़ा, हरमेश सिंह कुंभड़ा भी मौजूद थे। इसी दौरान पूर्व काऊंसलर सुखदेव सिंह पटवारी और रमेश प्रकाश कंबोज ने संदेश भेज कर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि वे आज की इस मीटिंग में उपस्थित नहीं हो सके। लेकिन आज की मीटिंग में जो भी फैसला होगा, उस के साथ वे सहमत हैं।
ऐसे लिया फैसला
पूर्व पार्षदों ने बताया बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि इस बार मोहाली नगर निगम चुनाव कुलवंत सिंह की अगुवाई में ही लड़ी जाएगी। परविन्दर सिंह सोहाना ने कहा कि पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने अपने कार्यकाल दौरान नगर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त रखा गया और बिना किसी लालच से शहर मोहाली में विकास कार्य करवाए और उन की देखरेख में शहर मोहाली ने विकास किया। इसके विपरीत हमारे हलके मोहाली से विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सिद्घू की ओर से शहर के लोगों को बड़ी मुश्किलों में खड़ा किया गया।
अब कुलवंत और सेहत मंत्री में होगी जंग
अकाली दल के पूर्व पार्षदों की तरफ से मेयर कुलवंतत सिंह की अगुवाई में चुनाव लड़ने के एलान से साफ हो गया है कि पार्टी टिकट की जगह कुलवंत सिंह की अगुवाई चुनाव लड़ने का फैसला कर चुके हैं। वहीं, चुनाव कुलवंत सिंह व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू में होगी। हालांकि पहले चर्चा यह चल रही थी कि मेयर कुलवंत सिंह अकाली दल की तरफ से विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरेंगे। साथ ही इनमें ही जंग होगी।
वहीं जानकारी के मुताबिक पार्टी में हुई इस बगावत के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब पहली जारी सूची वापस ली जा सकती है। वहीं, नए सिरे से उम्मीदवार को घोषित किए जा सकते हैं। इससे दूसरी सूची में देरी होने के भी आसार हैं।