जीरकपुर। कांग्रेस सरकार घटिया राजनीति पर उतर आई है। वह नहीं चाहती है कि नगर काउंसिल चुनाव में लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। इसलिए अब कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपेंद्र ढिल्लों ने एसडीएम को अपने भरोसे में लेकर वार्ड वाइज लगने वाले पोलिंग बूथों को ही बदल दिया है। यह आरोप डेराबस्सी हलका के विधायक एनके शर्मा ने लगाया है। उन्होंने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि जिस वार्ड में एमपी, एमएलए और एमसी चुनावों में पहले भी पोलिंग बूथ बनते आए हैं, उसे इस बार के नगर काउंसिल चुनावों में बदल दिया गया है। अपनी सरकार की छत्रछाया में धक्केशाही करते हुए कांग्रेस पार्टी ने एसडीएम को कहकर कई वार्ड के पोलिंग बूथ लोगों के घरों से करीब 5 किलोमीटर दूर करवा दिए हैं, ताकि लोगों को दिक्कत होने से चुनाव के दौरान मतदान कम हो और उनकी पार्टी उसका फायदा ले सके। शर्मा ने आरोप लगाया कि ज्यादातर उन वार्डों के पोलिंग बूथों को बदला गया है, जहां अकाली पार्टी की वोटें ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही धक्केशाही करती आ रही है। पहले गलत वार्डबंदी की, फिर वोटें काटी और बाद में पक्की वोटें दूसरे वार्ड में बदल दी। लेकिन हद तब हुई जब वार्ड के पोलिंग बूथ तक बदल दिए गए। शर्मा ने कहा कि वह मंगलवार को नियम-24 के तहत इलेक्शन कमीशन के पास पिटीशन दायर करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इलेक्शन कमीशन ने इसका हल नहीं किया तो वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
ईओ ने जबरन मांगा इस्तीफा
विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की इस धक्केशाही का खामियाजा नगर काउंसिल के प्रॉपर्टी टैक्स डिपार्टमेंट में तैनात क्लर्क सुभाष शर्मा को भुगतना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पोलिंग बूथों को वार्ड से दूर बनाने के लिए तैयार हुई रिपोर्ट पर सुभाष शर्मा ने मंजूरी नहीं देते हुए उस पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया तो नगर काउंसिल के ईओ संदीप तिवारी ने उससे जबरदस्ती कर इस्तीफा मांग लिया। इस घटिया राजनीति की भेंट एक ऐसे ईमानदार कर्मचारी को चढ़ना पड़ा, जिसके कार्यकाल में जीरकपुर नगर काउंसिल का प्रॉपर्टी टैक्स पंजाब में नंबर-1 पर रहा है।
वोट काटने का लगाया आरोप
इस मौके पर वार्ड नंबर-21 की स्काई नेट एनक्लेव सोसायटी में रहने वाले कुलवंत सिंह कंग ने बताया कि उनकी वोट को साजिशन काटकर वार्ड नंबर-23 में कर दिया है। जबकि वह वार्ड नंबर-20 के निवासी हैं। उन्होंने 1 जनवरी, 2020 को प्रकाशित वोटर सूची के अनुसार उनका वोट नंबर 965 था, उसके बाद दोबारा जारी हुई वोटर सूची में उनका वोट नंबर 1793 था, जबकि उनकी पत्नी का वोटर नंबर-1794 था अब नई प्रकाशित मतदाता सूची में उनकी वोट 20 नंबर से काटकर वार्ड नंबर-21 में कर दिया गया है, जबकि उनके परिवार की वोट वहीं हैं। इस मामले में वह एसडीएम को मिल चुके हैं। अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं आया है और कांग्रेस ने वोटरों को परेशान करने के साजिश रची है।
ऐसे बदले मतदान बूथ
विधायक शर्मा ने कहा कि जीत की लालसा में कांग्रेस इस हद तक गिर चुकी है, कि उसने मतदाताओं को परेशान करने को दयालपुरा गांव में बूथ नहीं बनाकर करीब पांच किलोमीटर दूर गांव छत में बना दिया। इसी तरह गांव रामगढ़ भुड्ढा में भी बूथ न बनाकर उसका पोलिंग बूथ भी गांव छत में बना दिया गया। इसी तरह गांव पभात का जीरकपुर, वीआईपी रोड का लोहगढ़, लोहगढ़ का सिंघपुरा, प्रीत कॉलोनी, रॉयल एस्टेट और गाजीपुर और ढकोली का किशनपुरा में बदल दिया गया है। इनमें कई गांव ऐसे हैं जहां सरकारी स्कूल मौजूद हैं और यहां पहले भी पोलिंग बूथ बनते आए हैं। जबकि प्रावधान यह कहता है कि एक किलोमीटर के दायर में पोलिंग बूथ होना चाहिए।
कोट्स
इलेक्शन का काम कब से चल रहा है, क्लर्क पिछले एक महीने से छुट्टी पर है। उसे इलेक्शन का काम क्यों दिया जाएगा। उसने खुद अपनी मर्जी से आवेदन दिया है कि मैं अपनी मर्जी से रिजाइन करना चाहता हूं। जबकि उसकी सेलरी जमा करवा रहा हूं। वह अपनी मर्जी से काम करना चाहता है, कि ईओ उसे आकर मनाए। उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की गई। चुनाव में ड्यूटी आरओ की है, हमारी तो ड्यूटी लगनी ही नहीं है।
- संदीप तिवारी, ईओ नगर परिषद, जीरकपुर।
कोट्स
रेवेन्यू विभाग में क्लर्क के इस्तीफे का मामला मेरे ध्यान में नहीं है। यह भी नहीं मालूम कि किसी के साथ जबरदस्ती रिजाइन लिया गया है। मैं अभी पता करवाता हूं। -कुलदीप बावा, एसडीएम डेराबस्सी।