सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर दर्ज मुकदमे में अदालत ने कोई राहत नहीं दी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। इमिग्रेशन कंपनी के मालिक राजदीप सिंह की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एआईजी गुरजोत सिंह कलेर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले अदालत ने कलेर के गनमैन ऋषि राणा और चार्टर्ड अकाउंटेंट समीर अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
मोहाली पुलिस के अनुसार, यह मामला राजदीप सिंह द्वारा छोड़े गए दो पन्नों के सुसाइड नोट और एक वीडियो पर आधारित है, जो उनके पिता परमजीत सिंह ने पुलिस को सौंपा था। नोट में राजदीप ने एआईजी कलेर और अन्य पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके कारण कथित तौर पर उन्होंने यह कदम उठाया।
फेज-8 थाने की पुलिस ने सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर एआईजी कलेर, समीर अग्रवाल, रिंकू कृष्णा, शाइना अरोड़ा, ऋषि राणा और अन्य के खिलाफ बीएनएस अधिनियम की धारा 108 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया था।
परमजीत सिंह की याचिका में आरोप लगाया गया कि राजदीप के इमिग्रेशन ऑफिस में 1.6 करोड़ रुपये का निवेश एआईजी कलेर ने किया था और उसके बेटे से खाली चेक व दस्तावेज लिए गए थे। फरवरी 2025 में खातों का निपटान हो गया और राशि वापस कर दी गई, लेकिन कलेर ने कथित तौर पर अतिरिक्त धन की मांग शुरू कर दी।
परमजीत ने बताया कि 9 सितंबर को कलेर की आधिकारिक गाड़ी उनके घर आई और राजदीप को बंदूकधारी ऋषि राणा और एक अन्य व्यक्ति अपने साथ ले गए। उन्हें कलेर के घर पर वीडियो रिकॉर्ड करने और बाद में सेक्टर-68 स्थित एचडीएफसी बैंक में लोन लेने के लिए दबाव बनाया गया। इसी दौरान राजदीप ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारने से पहले दो दोस्तों को वीडियो भेजा।