संशोधित... ससुराल में बेटी के बाद पत्नी को भी पीटा, पिता ने जहर खाकर की खुदकुशी
मृतक की पत्नी बोलीं- चार साल से दामाद कर रहा था कार की मांग, पति और सास-ससुर पर केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। गांव पीर सोहाना में एक महिला के साथ ससुराल वालोें ने मारपीट की तो उनको समझाने के लिए महिला के माता-पिता पहुंचे। लेकिन यहां पर बेटी के ससुराल वालों ने उन दोनों के साथ भी मारपीट की। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। लेकिन पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने पर पिता ने तनाव में आकर जहर खाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान दीदार सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में मृतक की पत्नी के बयान पर खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोप में दामाद समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान अभिजीत सिंह (दामाद), रणजीत सिंह (बेटी का ससुर), गुरजीत कौर (बेटी की सास) सभी वासी गांव बड़ौदी के रूप में हुई है।
मृतक की पत्नी कुलदीप कौर ने बताया कि उनकी बेटी कमलप्रीत कौर की शादी वर्ष 2020 में आरोपी अभिजीत सिंह के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों के बाद ही बेटी के ससुराल वाले उसे परेशान करके दहेज में कार लाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए उनकी बेटी को ससुराल में पीटा जाता था। इस संबंधी थाने में शिकायत देने के बाद समझौता हो गया था। इसके बाद मामला अदालत में गया तो वहां पर अदालत की पहल पर दोनों पक्षों के वकीलों ने समझौता करवा दिया था। वहीं, 18 अक्तूबर को फिर से बेटी से मारपीट की। इस बात का पता लगने पर उसका भाई और माता वहां गए तो आरोपियों ने उन्हें पीटा और मां के सिर पर रॉड मार दी। इसके बाद उन्हें कुराली अस्पताल ले जाया गया। लेकिन फिर भी पुलिस ने बेटी के ससुरालियों पर कार्रवाई नहीं। इस कारण पिता दीदार सिंह तनाव में आ गए और 20 अक्तूबर को बिना बताए घर से चले गए और फोन भी उठाना बंद कर दिया। अनजान नंबर से कॉल करने पर उन्होंने फोन उठाया तो कहा कि वह घड़ूआं में है। परिवार वहां पहुंचा तो देखा कि उन्होंने जहर निगल लिया था। इसके बाद उन्हें खरड़ अस्पताल ले जाया गया। यहां से जीएमएसएच सेक्टर-16 चंडीगढ़ और फिर पीजीआई रेफर किया गया। यहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद अब उन्होंने उक्त आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
ग्रामीणों ने घेरा एसडीएम कार्यालय
जानकारी के मुताबिक गांव पीर सोहाना के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो उन्होंने धरना समाप्त किया।