मोहाली। गमाडा ने शुक्रवार को एरोट्रोपोलिस क्षेत्र के विस्तार के लिए आठ गांवों की 3513 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर पुडा भवन में विशेषज्ञ समूह की बैठक आयोजित की। यह बैठक पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रो. डॉ. संजीव कुमार की अगुवाई में किए गए सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता विशेषज्ञ समूह के चेयरमैन और पूर्व आईएएस अधिकारी केएस सिद्धू ने की।
बैठक में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की टीम के अलावा विशेषज्ञ समूह के सदस्य, गमाडा अधिकारी, प्रभावित आठ गांवों बड़ी, बाकरपुर, किशनपुरा, छत्त, पत्तों, कुरड़ी, स्याऊ और मटरां के सरपंच, नंबरदार और किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक के दौरान कई किसान नेताओं ने जमीन अधिग्रहण का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि खेती के लिए जमीन उनकी बुनियादी जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि एरोट्रोपोलिस की पूर्व में विकसित ए से डी पॉकेटों में आज तक आवश्यक विकास कार्य पूरे नहीं किए गए और कई किसानों को मिलने वाले लाभ भी अब तक लंबित हैं।
किसानों ने यह भी मांग की कि पुराने लैंड पूलिंग सिस्टम में किसानों को मिलने वाले लाभ बढ़ाए जाएं और अधूरे विकास कार्य पहले पूरे किए जाएं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे केएस सिद्धू ने आश्वासन दिया कि किसानों के सभी सुझाव, आपत्तियां और चिंताएं गमाडा की उच्च अथॉरिटी तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि नए अधिग्रहण क्षेत्र का विकास समयबद्ध तरीके से किया जाएगा और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
यह है पॉकेटों की स्थिति
एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए कुल 3513 एकड़ जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव है। इसमें ई पॉकिट के लिए 758 एकड, एफ पॉकिट के लिए 445 एकड़, जी पॉकिट के लिए 498 एकड़, एच के लिए 879, आई के लिए 467 और जे के लिए 468 एकड़ जमीन शामिल है।