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Mohali News: फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बन गांव के लोगों को लाखों रुपये का चुना लगाकर फरार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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डेराबस्सी। गांव कारकौर में एक व्यक्ति फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाकर फरार हो गया। आरोपी अपने आपको हरियाणा पुलिस में पंचकूला के डीआईजी दफ्तर में तैनात सब इंस्पेक्टर बताता था और हर समय वर्दी पहनकर रखता था। गांव वासियों को चकमा देने के लिए वह अपने परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था और कई लोगों को ठगी का शिकार बनाकर फरार हो गया।
इस मामले में गांव के सरपंच जगमीत सिंह जग्गी ने बताया कि करीब पांच महीने पहले गांव में गेजा सिंह के मकान में एक व्यक्ति अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने आया था। उसने दावा किया कि वह पंचकूला के सेक्टर-6 में डीआईजी दफ्तर में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात हैं और इंस्पेक्टर बनने वाला है। इसके बाद उसको पंचकूला के किसी पुलिस स्टेशन में एचएचओ लग जाएगा।
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लोगों को अपने प्रभाव में लेने के लिए वह पूरा दिन पुलिस की दो स्टार सब इंस्पेक्टर वाली वर्दी में रहता था और दावा करता था कि उसकी रात की ड्यूटी है, इस कारण वह दिन में घर रहता था। रात में ड्यूटी पर जाने का नाटक करता था।
उसके पास वैगनर कार थी और दोनों बच्चे डेराबस्सी के एक स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। इससे किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। इतना ही नहीं दिवाली के मौके वह कुछ गांव वासियों को अपने साथ लेकर भाजपा नेता संजीव खन्ना के पास दिवाली का उपहार देने के लिए गया था, जिससे दिखा सके कि उसको राजनीतिक नेता भी जानते हैं। उसने कुछ महीने रहने के बाद जब लोगों पर अपना प्रभाव बना लिया तो उसने लोगों के साथ ठगी करनी शुरू की। उसने पहले गांव के लखबीर सिंह रिंपी को सपना दिखाया कि उसकी रेलवे में बहुत चलती है और वह उसकी दो टैक्सी रेलवे विभाग में लगवा देगा।
इससे उसको 60 हजार रुपये की दोनों टैक्सी से कमाई होगी। उसके धोखे में आकर रिंपी ने अपनी स्विफ्ट कार 4 लाख रुपये में बेच दी और दो मारुति कारें लोन पर लेकर आरोपी को दे दी। इसके बाद वह अपने साथ ले गया। इसके अलावा उसने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति की कीया कंपनी की कार उधार मांगी और साथ ले गया। इसके अलावा उसने एक शख्स को झांसा दिया कि वह उसकी बेटी की शादी में मोटरसाइकिल लोन पर दिलवाएगा। इसके लिए उसने उसके दस्तावेज ले लिए और खुद व्यक्ति के नाम लोन करवाकर मोटरसाइकिल ले गया।
इसी तरह एक व्यक्ति के नाम पर लोन लेकर एक्टिवा भी खरीद ली। उसने गांव में कुछ लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके चेक अपने पास रख लिए। किसी के पास रखकर एक व्यक्ति से 60 हजार रुपये ब्याज पर ले गया। करियाना दुकान से 12 हजार रुपये का राशन, सेनेटरी दुकान से 20 हजार रुपये का सामान, एक अन्य दुकान से आठ हजार रुपये का सामान, दूध वाले के 15 हजार रुपये उधार, मीट की दुकान से 5 हजार रुपये का बकरे का मीट, सहित कई छोटी-मोटी ठगी करके भाग गया है।
सरपंच ने बताया कि उसके फरार होने के बाद वह भाजपा नेता संजीव खन्ना के कार्यालय में जाकर उसकी दिवाली के दिन खिंचवाई फोटो निकालकर लाए और पुलिस को शिकायत दी। इस मामले में पुलिस थाना प्रभारी मनदीप सिंह ने कहा कि लोगों की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
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डीआईजी दफ्तर में पता किया तो इस नाम कोई नहीं था
गांव के सरपंच ने कहा कि अभी और भी लोग सामने आ रहे हैं, जिनसे ठगी की गई है। इसके बाद सामने आएगा कि उसने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। उसके फरार होने के बाद गांव वालों ने पंचकूला में डीआईजी के दफ्तर में उसके बारे में पता किया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई पुलिस अधिकारी उनके पास नौकरी नहीं करता। आरोपी इतना शातिर था कि कहीं भी अपना फोटो नहीं खिंचवाता था और न ही सामूहिक कार्यक्रम में जाता था।
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