पंचकूला। आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड को डी-एक्टिवेट करवाने के नाम पर महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 2,34,881 रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। सेक्टर-15 निवासी दिव्या शर्मा की शिकायत पर साइबर पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। नाडा साहिब के पास एक आईटी कंपनी में काम करने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिव्या शर्मा ने बताया कि 17 अप्रैल को शाम तीन बजे ऑफिस में बैठी थीं। तभी अंजान नंबर से फोन आया। फोन उठाने पर रश्मि नाम की युवती बात करने लगी। उसने कहा कि वे आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बात कर रही है। उसने कहा कि आप आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड यूज करती हैं। कार्ड में ठगी न हो इसलिए प्रोडक्शन प्लान एक्टिवेट करवाना होगा।
इस तरह झांसे में लिया
फोन करने वाली महिला ने बताया कि प्लान एक्टिवेट हो गया है। इसे डी-एक्टिवेट करवाना है। चार्ज लगेगा। हां कहने पर महिला ठग ने दूसरे नंबर से व्हाट्सअप पर लिंक भेजा। इसके बाद आरोपी महिला ने लिंक ओपन कर क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी भर दी। इसके बाद उसको ओटीपी भी बता दिया। इसके बाद तीन ट्रांजेक्शन में 2,34,881 रुपये निकल गए। जब इस बारे में ठग महिला ने बात किया तो उसने कहा कि 24 घंटे के भीतर कटे रुपये वापस आ जाएंगे और फोन कट कर दिया। कुछ देर बाद शक होने पर आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर केयर से बात करने पर ठगी के बारे में पता चला। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुनीष कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मोबाइल नंबर और क्रेडिट कार्ड की डिटेल की जांच की जा रही है।