जीरकपुर। शहर के गांव शताबगढ़ की पंचायत की ओर से जलील करने के कारण एक व्यक्ति ने पंचायत से तंग आकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान 52 वर्षीय श्याम सिंह के रूप में हुई है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने गांव की पंचायत की तरफ से जलालत को अपनी खुदकुशी करने का मुख्य कारण बताया है।
पुलिस ने मृतक के बेटे वरिंदर सिंह के बयान पर खुदकुशी करने के लिए मजबूर करने के आरोप में गांव की महिला सरपंच उषा देवी समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की जानकारी देते एसआई हर्ष मोहन गौतम ने बताया कि मृतक के बेटे वरिन्दर सिंह ने शिकायत में बताया है कि पंचायत की तरफ से गांव में नए सिरे से गलियां बनाई जा रही हैं। इस दौरान पंचायत की तरफ से उनके घर के बाहर उनकी निजी जगह को पंचायती जमीन बताकर गली बनाई जा रही थी।
इस दौरान उसके मृतक पिता और अन्य पारिवारिक सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए काम बंद करवा दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि काम बंद करवाने से भड़की गांव की सरपंच उषा देवी पत्नी बलजीत सिंह ने अपने कपड़े फाड़कर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया।
जबकि उनकी ओर से भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिस पर पुलिस ने कोई कार्रव्राइ नहीं की। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उल्आ उनके खिलाफ ही झूठा केस दर्ज कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पिता पारिवारक सदस्यों पर झूठा केस दर्ज होने के बाद इसके इंसाफ के लिए पूर्व पंच जय सिंह के पास पहुंचे, जिनकी ओर से पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में गांव की सरपंच उषा देवी, उसका पति बलजीत सिंह, गांव का पूर्व सरपंच जय सिंह, रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह और जगपाल सिंह की ओर से उसके पिता पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया। उसके पिता ने माफी भी मांगी।
लेकिन इसके बावजूद गांव के पूर्व सरपंच जय सिंह के कहने पर उसके पिता ने अपनी पगड़ी उनके पैरों में रखी। लेकिन फिर भी उन्होंने उसके पिता की कोई बात नहीं मानी। बल्कि इस बात को लेकर उनका मजाक उड़ाया गया।
इस जलालत से परेशान होकर उसके पिता ने अपने घर में खुदकुशी कर ली। उसके पिता की जेब से पंजाबी में लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पगड़ी की बेअदबी और पंचायत की ओर से जलील करने से तंग आकर खुदकुशी करने की बात कही है।
पुलिस ने गांव की सरपंच और पूर्व सरपंच समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है