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Mohali News: साइबर ठगी का बड़ा जाल..चार महीनों में 30.14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी, 13 मामले दर्ज

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मोहाली। मोहाली और पंजाब के विभिन्न जिलों में चार महीनों के दौरान साइबर ठगों ने 30.14 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है। इस अवधि में ऑनलाइन ठगी के 13 बड़े मामले दर्ज किए गए हैं। निवेश, वीजा, नौकरी, प्रॉपर्टी और हनी ट्रैप जैसे तरीकों से लोगों को शिकार बनाया गया है। शिकायतों के आधार पर मोहाली साइबर क्राइम थाना, स्टेट क्राइम और स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है।
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सबसे बड़ी ठगी का मामला लुधियाना के व्यवसायी जगदीप सिंघाल से जुड़ा है। उनसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 19.84 करोड़ रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर विश्वास बनाया। उन्होंने फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए निवेश करवाया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम 15 अलग-अलग बैंकों के 75 फर्जी खातों के जरिए निकाली गई। होशियारपुर निवासी तरनजीत सिंह भल्ला से अटालिया नामक निवेश कंपनी में पैसा लगाने के नाम पर 3.62 करोड़ रुपये ठगे गए। आरोपियों ने सेबी और आरबीआई के फर्जी दस्तावेज दिखाकर हर महीने 3 फीसदी तथा सालाना 36 फीसदी रिटर्न का लालच दिया। पैसे वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।


ठगी के विविध तरीके

साइबर ठगों ने खरड़ में एक दंपती के माध्यम से भी ठगी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कोठी बेचने का विज्ञापन देकर छह लोगों से करीब 1.5 करोड़ रुपये का बयाना लिया। बाद में उक्त कोठी किसी अन्य व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई। एचएसबीएस कैपिटल नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए चार लोगों से 27.88 लाख रुपये की ठगी की गई। पहले कुछ मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता गया और बाद में रकम ब्लॉक कर दी गई। ठगों ने विदेश भेजने के नाम पर भी कई लोगों को निशाना बनाया। जॉर्जिया और ऑस्ट्रेलिया के वर्क वीजा का झांसा देकर दर्जनों लोगों से लाखों रुपये वसूले गए। कनाडा वर्क वीजा के नाम पर भी कई लोगों से 10 लाख रुपये ठगे गए।
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नौकरी, ऋण और हनी ट्रैप

इसके अलावा, रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी हुई। बैंक ऋण से बचाने, पैसे दोगुने करने और धार्मिक आस्था का लाभ उठाकर भी लोगों को शिकार बनाया गया। हनी ट्रैप के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक युवक को इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान के जरिए फंसाकर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। उससे 4.50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। वहीं एक महिला से इंस्टाग्राम लिंक भेजकर निवेश के नाम पर 70 हजार रुपये ठग लिए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।



साइबर ठगी से बचाव के उपाय

पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया, निवेश योजनाओं और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वैधता जांचें। सेबी, आरबीआई या सरकारी संस्थाओं के दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। अत्यधिक रिटर्न के वादों पर भरोसा न करें। एक अधिकारी ने कहा, लालच, जल्दबाजी और बिना जांच किए गए ऑनलाइन ऑफर साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार हैं। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ऐसा होने पर तुरंत ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं ताकि साइबर पुलिस समय रहते अपराधी तक पहुंच कर सके।
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