मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने के लिए इस बार काफी सख्त कदम उठाए थे। लेकिन इसके बावजूद भी नकल को रोकने में बोर्ड फेल साहिब हुआ है। पूरे राज्य में अब तक नकल के 1228 केस सामने आए हैं, जबकि करीब 75 परीक्षा केंद्रों पर विभिन्न विषयों की परीक्षा रद्द की गई। वहीं, कुछ जगह तो बोर्ड की टीम ने निगरान अफसर खुद नकल करवाते बोर्ड ने काबू किया है। हालांकि बोर्ड अधिकारी अभी इस मामले में बोलने से पहरेज कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक बोर्ड की टीमों ने दसवीं में 609 और 12वीं कक्षा में 619 नकल के केस पकड़े हैं। नकल के अधिकतर केस अंग्रेेजी, मैथ, पंजाबी और साइंस विषयों की परीक्षा के दौरान सामने आए हैं। वहीं, नकल के सबसे अधिक मामले अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फाजिल्का, जलालाबाद, रूपनगर, होशियारपुर, लुधियाना और पटियाला आदि जिलों से है। इसके अलावा कई जिलों में हाईटेक तरीके से भी नकल करते युवाओं को पकड़ा था। वहीं, कुछ जगह दूसरे की जगह परीक्षा देेते हुए कई युवकों को दबोचा है और उनके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाए हैं।
अधिकारियों के फोन से हुई नकल
बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी लगाई हुई थी, लेकिन बोर्ड के मुलाजिम खुद ही इन नियमों को तोड़कर सेंटर में मोबाइल फोन लेकर गए। साथ ही अपने मोबाइल फोन से उन्होंने परीक्षा में कथित तौर पर नकल भी करवाई। मामला सामने आते ही बोर्ड अधिकारियों ने परीक्षा सुपरिंटेंडेंट्स की आपात मीटिंग की, जिसके बाद इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए।