जानकारी देते सेवानिवृत्त कैप्टन पुरुषोत्तम सिंह।
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मोहाली। 92 वर्षीय सेवानिवृत्त कैप्टन पुरुषोत्तम सिंह भले ही वॉकर के सहारे मुश्किल से चलते हैं। परंतु उन्होंने उम्र के इस पड़ाव पर आकर सबको हैरान करने वाला फैसला लिया है। उन्होंने गलवां घाटी के शहीदों के परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से मुहिम चलाने का फैसला लिया है। फंड जुटाने के लिए वह 50 किलोमीटर तक मोहाली की सड़कों पर चलेंगे। इस संबंधी उन्होंने योजना बनाई है, जिस पर सोमवार से काम शुरू करेंगे।
मोहाली प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेवानिवृत्त कैप्टन पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि वह 1945 में सिख रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। कई साल सेवाएं देने के बाद 1978 में कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए। वह वेस्टन कमांड प्रतियोगिता में विजयी शूटर रहने के साथ सेना के हथियार प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षक व मुक्केबाज भी रहे हैं।
पुरुषोत्तम सिंह के बेटे तरसेम सिंह सेधा ने बताया कि वह 40 साल से इंग्लैंड में रह रहे हैं और गत वर्ष ही भारत लौटे हैं। उनके पिता ने उनके साथ इंग्लैंड के कैप्टन टॉम का जिक्र किया था कि कैसे टॉम ने रोजाना लंबा सफर तय कर राष्ट्रीय सेहत सेवाएं (एनएसएच) के लिए 34 करोड़ की सहायता राशि एकत्रित की थी। अब उनके पिता ने भी गलवां घाटी के शहीदों के लिए फंड एकत्रित करने के लिए ऐसा ही कुछ करने की इच्छा व्यक्त की है। तरसेम ने बताया कि उनके पिता बिना सहारे के चल नहीं सकते, लेकिन हौसला इतना है कि वे इस पर अड़े हुए हैं। पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि वह इसके लिए अपनी तरफ से 5000 रुपये और पत्नी की याद में 5000 रुपये देंगे।
ऐसे चलेगा अभियान
पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव में आकर उनकी सेहत ठीक नहीं रहती है, लेकिन फिर भी वह मोहाली सड़कों पर 50 किलोमीटर तक चलकर फंड जुटाएंगे। सुबह व शाम के समय तीन से चार किलोमीटर पैदल चलेंगे। उन्होंने जो 50 किलोमीटर का लक्ष्य रखा है उसे 10 से 15 दिन में पूरा करने की उम्मीद है।