चंडीगढ़। चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 9 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके आईएसआई से भी संबंध सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 312.71 ग्राम हेरोइन, 5.12 लाख रुपये ड्रग मनी, दो कारें और एक स्कूटी बरामद की है।
एसपी क्राइम जसबीर सिंह ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड जलालाबाद का रहने वाला गुरमीत सिंह है। गुरमीत और उसके पिता सतनाम सिंह पाकिस्तान के कसूर क्षेत्र के रियाज सरवर और आबिद अली के सीधे संपर्क में थे। यह गिरोह पिछले पांच वर्षों से बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी कर रहा था, जिसकी अनुमानित मात्रा 100 किलोग्राम से अधिक है।
डीएसपी क्राइम धीरज ने बताया कि ये तस्कर सीमा पर बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखते थे और सर्दियों में धुंध का फायदा उठाकर चार इंच की पाइप के जरिए ड्रग्स को भारत में पहुंचाते थे। गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में से 8 फाजिल्का के जलालाबाद के रहने वाले हैं, जबकि एक महिला लुधियाना की है।
गिरफ्तार आरोपियों में बलकार सिंह (42) फाजिल्का, नवनीत कौर (28) जलालाबाद, चमकौर सिंह (30) जलालाबाद, गुरमीत सिंह (33), जलालाबाद (सरगना), कुलदीप सिंह (39) जलालाबाद, सतनाम सिंह (60) जलालाबाद, सोनू उर्फ छोटू (25) जलालाबाद, गुरमीत मिस्त्री (40) जलालाबाद और सुरिंदर कौर (38) जगरांव लुधियाना शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड खत्म होने के बाद जिला अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के रियाज सरवर के संपर्क में आया था। उसके मोबाइल में पाकिस्तानी तस्कर का नंबर गिल के नाम से सेव था और पुलिस को दोनों के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग और चैट भी मिली है। पुलिस ने इस मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका से भी इन्कार नहीं किया है।
14 अप्रैल को हुई थी पहली गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने ड्रग्स तस्करी में 14 अप्रैल 2025 को बलकार सिंह और नवनीत कौर को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 35.17 ग्राम हेरोइन और ड्रग्स का वेट चेक करने वाली मशीन बरामद हुई थी। पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच की टीमों ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान अन्य कई जगहों पर छापेमारी की। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया।
बलकार और कुलदीप के खिलाफ दर्ज है दुष्कर्म का केस
गिरफ्तार आरोपियों में बलकार सिंह, जो नवनीत कौर के साथ मिलकर ट्राइसिटी में हेरोइन की सप्लाई करता था, दुष्कर्म के एक मामले में भी आरोपी है। नवनीत कौर, जो बीटेक पास है, अपने मामा सतनाम सिंह से हेरोइन लेकर बलकार के माध्यम से सप्लाई करती थी और मोहाली के सेक्टर 70 में रह रही थी। चमकौर सिंह ने सीमा पर रेकी कर 18 किलो हेरोइन की तस्करी में मदद की थी और उसके कब्जे से 100 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई है। गिरोह का सरगना गुरमीत सिंह, जिसके कब्जे से 51.53 ग्राम हेरोइन, दो अर्टिगा कारें और एक इलेक्ट्रिक स्कूटी मिली है, पहले भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में शामिल रहा है। गुरमीत का भाई कुलदीप सिंह भी गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से 26.02 ग्राम हेरोइन और 12 हजार रुपये ड्रग मनी बरामद हुई है और उसके खिलाफ भी दुष्कर्म का मामला दर्ज है। गिरोह में गुरमीत और कुलदीप का पिता सतनाम सिंह भी शामिल है, जो लंबे समय से ड्रग्स तस्करी में लिप्त है और 2019 में 70 किलो ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। सोनू उर्फ छोटू सीमा पार से तस्करी में सहयोग करता था। उसके कब्जे से 5 लाख रुपये ड्रग मनी बरामद हुई है। गुरमीत मिस्त्री स्थानीय स्तर पर हेरोइन बेचता था और उसके पास से 77.57 ग्राम हेरोइन मिली है। वहीं, सुरिंदर कौर स्थानीय स्तर पर ड्रग्स सप्लाई करती थी और उसके कब्जे से 22.42 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है।
सतविंदर सिंह ने कई बड़े मामलों को सुलझाया
एसपी जसबीर सिंह ने बताया कि इस पूरे गिरोह को इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया है। सतविंदर सिंह ने इस साल कई बड़े मामलों को सुलझाया है, जिसमें सेक्टर 26 बम ब्लास्ट के आरोपी और गैंगस्टर गगनदीप की गिरफ्तारी भी शामिल है। इसके अलावा सेक्टर-25 में मर्डर के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, पीजीआई में आयुष्मान और हिमकेयर योजना में करोड़ों का घोटाला करने वाले मास्टरमाइंड बलराम को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया था।