मोहाली। साइबर ठगी के एक बड़े मामले में 74 वर्षीय महिला से 67.66 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने खुद को यूको बैंक का कर्मचारी बताकर महिला के मोबाइल में फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करवाई। इसके जरिये मोबाइल हैक कर महिला की नौ फिक्स्ड डिपॉजिट के खिलाफ कर्ज लेकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-69 निवासी आशा झांब ने एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें 30 अक्तूबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन अपडेट कराने का झांसा दिया। उसने एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर बैंक संबंधी जानकारी भरवाई। इसके बाद 31 अक्तूबर से 1 नवंबर 2025 के बीच उनकी एफडी के विरुद्ध कुल 67,66,943 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। आरोपी ने लेनदेन के मोबाइल संदेश भी हटा दिए। बेटी की मदद से बैंक स्टेटमेंट देखने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। महिला ने तत्काल अपना बैंक खाता फ्रीज कराया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
साइबर थाना की जांच में शिकायत सही पाई गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319, 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहाली के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। बाद में मामले की दोबारा जांच पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी कराई गई। जांच इंस्पेक्टर गौरव बंस सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच कर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
आरबीआई की कार्रवाई और बैंकों की जिम्मेदारी
पीड़िता ने मामले की शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक से भी की थी। आरबीआई ने जांच के बाद यूको बैंक, केनरा बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक पर कुल 28.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इनमें से केनरा बैंक, बंधन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने संबंधित राशि पीड़िता को लौटा दी है। यूको बैंक और एक्सिस बैंक से भुगतान होना अभी बाकी है।