न्यायिक मजिस्ट्रेट सविता दास की अदालत ने सरकार और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दिलप्रीत बाबा और सुखप्रीत बुड्ढा को बरी करने के आदेश दिए हैं। मोहाली पुलिस वॉयस मैसेज और चैटिंग के रिकॉर्ड को भी अदालत में रिकॉर्ड पर लाने में विफल रही है। इस कारण से दोनों ही गैंगस्टरों पर फिरौती मांगने के आरोप सिद्ध नहीं हो पाए।
यह थी शिकायत
पंजाबी गायक रुपिंदर सिंह उर्फ गिप्पी ग्रेवाल निवासी सेक्टर-69 ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 31 मई 2018 को उसके मोबाइल पर शाम 4 बजे गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा का व्हाट्सएप मैसेज आया। इसमें कई तरह की धमकियां दी गईं। धमकी में कहा गया कि अगर उसने बात नहीं मानी तो परमीश वर्मा व चमकीले की तरह परिणाम भुगतने पड़ेंगे। शिकायत में कहा गया था कि एक धमकी भरे मैसेज में लिखा था कि वह दिलप्रीत बाबा बोल रहा है और उसे फिरौती की रकम चाहिए। अगर उसे बाबा की जानकारी नहीं है तो फेसबुक पर जानकारी हासिल कर सीधा संपर्क करे। पुलिस ने गिप्पी की शिकायत पर एक जून 2018 को गैंगेस्टर दिलप्रीत बाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।