मोहाली। फेज- 7 निवासी तेजपाल सिंह ने ऑनलाइन फाइनेंशियल ठगी का शिकार होने के बाद एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत के अनुसार तेजपाल सिंह, उनकी पत्नी गुरविंदर कौर और बेटे लखविंदर सिंह कंग के तीन बैंक खातों में से कुल 20,74,086 रुपये अज्ञात लोगों ने यूपीआई और अन्य माध्यमों से निकाल लिए। तेजपाल सिंह ने बैंक कर्मचारियों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।
तेजपाल ने अपने बयान में बताया कि उनके परिवार को बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के अधीन वर्ष 2024 में तीन खातों पर 19.80 लाख, 26.70 लाख और 28.50 लाख रुपये की ओडी लिमिट मंजूर की थी। बैंक ने सभी खातों पर कुल छह डेबिट कार्ड जारी किए, लेकिन परिवार ने कभी भी इन डेबिट कार्ड को एक्टिव नहीं करवाया। 23 जून 2025 को जब तेजपाल सिंह एक लाख रुपये नकद जमा करवाने बैंक पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि खातों में कई संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। स्टेटमेंट निकलवाने पर सामने आया कि खातों से लाखों रुपये निकाले जा चुके हैं। खाता विवरण में अजनबी लोगों के मोबाइल नंबर और नाम जुड़े थे।
तेजपाल ने बताया कि 11 जून को 70 हजार रुपये जमा होने का मैसेज आया था, पर उसी दिन लाखों के ट्रांजेक्शन का कोई अलर्ट नहीं मिला। इससे उन्हें शक है कि बैंक सिस्टम में मोबाइल नंबर बदल दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक ने ईमेल आईडी तक रजिस्टर नहीं की थी। बैंक को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। तेजपाल ने बताया कि लगातार तनाव के कारण 15 अगस्त 2025 को उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और उन्हें मोहाली के अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा, जहां दो स्टेंट डाले गए। उनका आरोप है कि बैंक कर्मचारी बाहरी लोगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर घोटाले में शामिल हैं।
साइबर क्राइम पुलिस ने संबंधित बैंक ब्रांच मैनेजर, क्लस्टर हेड और अन्य स्टाफ से रिकॉर्ड जब्त कर पूछताछ की है। उन्होंने जांच में पाया कि ऑनलाइन ठगों ने इस ठगी को अंजाम दिया है। तेजपाल सिंह और उनके परिवार के बैंक खाते से 20.74 लाख रुपये निकाल लिए गए। साइबर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ठगी व आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है।
मोहाली के अन्य बड़े साइबर क्राइम केस भी आए सामने
जिला मोहाली कुछ समय से साइबर धोखाधड़ी का हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। हाल ही में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 50 करोड़ रुपये के क्रिप्टो स्कैम का खुलासा किया था, जिसमें आठ आरोपी गिरफ्तार हुए थे। इसके अलावा जीरकपुर, कुराली और खरड़ क्षेत्रों से भी ओएलएक्स फ्रॉड, बिजली बिल धमकी कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर बैंक खाते खाली करने और सोशल मीडिया ब्लैक मेलिंग जैसे 100 से अधिक मामले इस वर्ष सामने आ चुके हैं। पुलिस ने लोगों को 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।