मोहाली/जीरकपुर। मंगलवार सुबह हुई महज आधे घंटे की तेज बारिश ने नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के अधिकांश इलाकों में सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। करीब 2 लाख लोग पांच से सात घंटे तक घरों में कैद होकर रह गए।
मोहाली के सेक्टर-70, फेज-5, फेज-11 और एयरपोर्ट रोड पर सड़कें पानी में डूब गईं। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी हुई। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 और फेज-2 की मदनपुरा रोड पर भी जलभराव देखा गया। फेज-5 में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही सेक्टर-71 में तार टूटने से रास्ता बंद हुआ। फेज-4 में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
जीरकपुर के लोहगढ़, पटियाला रोड, अंबाला रोड, बलटाना, ढकोली और पीरमुच्छल्ला जैसे क्षेत्रों में भारी जलभराव देखा गया। कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंस गए। लोहगढ़ में विश्वकर्मा मंदिर के सामने एक कार के इंजन में पानी घुसने से वह बीच सड़क पर बंद हो गई। पटियाला रोड पर भी कई दोपहिया वाहन जलभराव के कारण आगे नहीं बढ़ सके।
स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद पर वर्षा जल निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षा जल निकासी की पाइपलाइन को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा गया है।
सिंहपुरा स्थित एकमात्र सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी का दबाव नहीं झेल पाता। परिणामस्वरूप शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर की मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।