नशीली दवाओं से भरे ट्रक समेत पकड़े गए दो लोगों को कैद
दिल्ली से नशीली दवाएं लाकर पंजाब में बेचते थे दोनों
दस साल कैद के अलावा एक लाख का जुर्माना भी लगाया, पांच लोगों को किया बरी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
दिल्ली से लाकर पंजाब में नशीली दवाएं बेचने वाले जगदीश और तरसेम को जिला अदालत ने पांच साल पुराने मामले में दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में ढाई साल सजा और काटनी पड़ेगी। इसके बाद दोषी जगदीश को नाभा और तरसेम को रोपड़ जेल भेज दिया गया। उन्हें धारा -22-61-85 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है। जबकि इस मामले में पांच लोगों को सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया, जिनमें गोपाल कृष्ण, महेश कुमार, प्रवीन कुमार, अनिल वासुदेवा और राकेश कुमार शामिल है। यह फैसला अतिरिक्त सेशन जज अंशुल बेरी की अदालत द्वारा सुनाया गया।
कोर्ट ने जिसे दोषी ठहराया है, उसमें एक ट्रक ड्राइवर और दूसरा हेल्पर हैं। बात करीब पांच साल पुरानी है। जब 28 जून 2013 को जगदीश और तरसेम दिल्ली से ट्रक में नशीली दवाएं लेकर पंजाब आ रहे थे। इसी दौरान बनूड़ पुलिस ने गुप्त सूचना पर आरोपियों को ट्रक समेत नाके पर रोका था। ट्रक की जब चेकिंग की गई तो उसमें से काफी मात्रा में दवाएं बरामद हुई थी। इस दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि दिल्ली से प्रवीन कुमार व अनिल वासुदेवा से दवाएं लेकर गोपाल कृष्ण मोगा को सप्लाई करने जा रहे हैं। इस दौरान उनके पास दवाओं का बिल नहीं था और न अन्य दस्तावेज। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। गोपाल कृष्ण के वकील जगसीर जस्सी ने बताया कि इसी केस को आधार बनाकर उनके क्लाइंट पर एक और केस दर्ज कर दिया गया था, जिसमें वह पहले बरी हो चुके हैं। अब इस केस में बरी होने से उन्हें काफी राहत मिली है।