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पंजाबी भाषा समर्थकों पर फैंकी पानी की बौछारे

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चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई
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इस दौरान पानी की बौछारों व लाठीचार्ज से कई लोग हुए घायल

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाबी भाषा को बनता सम्मान व चंडीगढ़ पंजाब को दिलाने जैसी मांगों को लेकर कई लोग वीरवार को पंजाबी मां बोली सत्कार संस्था व दल खालसा के बैनर तले संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने पहले मोहाली में रैली की। इसके बाद चंडीगढ़ की तरफ कूच किया, लेकिन चंडीगढ़ बार्डर पर उन्हें चंडीगढ़ पुलिस की ओर से पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा।
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जानकारी के मुताबिक काफी संख्या में लोगों ने लक्खा सिधाणा की अगुवाई में जैसे ही वाईपीएस चौक पार किया तो सेक्टर-52 स्थित गीता भवन के नजदीक चंडीगढ़ पुलिस ने बैरीकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। रोष प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चंडीगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और जबरदस्ती चंडीगढ़ में दाखिल होने का प्रयास किया तो पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और पानी की बौछारें की गईं। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने लक्खा सिधाणा, इकबाल सिंह बादशापुर सहित कुल 11 मेंबरों का प्रतिमंडल चंडीगढ़ भेजा। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में जिला फरीदकोट के गांव डल्लावाली का वसनीक गुरदीप सिंह सिर पर पुलिस का डंडा लगने से घायल हो गए। इस से पहले रोष मार्च को संबोधन करते हुए पंजाबी मां बोली सत्कार संस्था के मुखी लक्खा सिधाणा ने कहा कि देश के 28 राज्यों की अपनी अपनी राजधानी है, लेकिन पंजाब ही ऐसा राज्य है जिस की अपनी कोई राजधानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब के 22 गांवों को उजाड़ कर चंडीगढ़ शहर बसाया गया था। हैरानी की बात ये है कि चंडीगढ़ पर पंजाब का हक होने की बजाय यह पंजाब को नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाकी राज्यों की भांति हाईकोर्ट भी पंजाब तथा हरियाणा की अलग अलग होनी चाहिए।
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