कुराली। गांव चकला में रहने वाले एक गुज्जर परिवार की 15 भैंसें बिजली का करंट लगने से मर गईं, जबकि दो भैंसों को बचा लिया गया। पीड़ितों के मुताबिक तालाब के ऊपर से गुजर रहे बिजली कंडक्टर तार के टूटकर तालाब में गिरने से हुई है। इसी कारण तालाब के पानी में करंट उतरा था। प्रशासन घटना की जांच कर रहा है।
मूल रूप से माजरी जट्टा का रहने वाला गुज्जर परिवार अब गांव चकला में रह रहा है और भैंस पालन का व्यवसाय करता है। वीरवार शाम जब यह परिवार अपनी भैंसों को पानी पिलाने के लिए निकटवर्ती गांव संतपुर चुपकी के तालाब पर ले गया था। इसी दौरान भैंसें तालाब के पानी में आए करंट की चपेट में आ गईं। 15 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई।
भैंसों को पानी पिलाने ले जाने वाले गामा गुज्जर ने बताया कि वह सुबह भी भैंसों को इसी तालाब से पानी पिलाने लाए थे। उस समय तो सब कुछ ठीक था, लेकिन शाम को जब उनकी भैंसें तालाब में उतरीं तो वे पानी में करंट की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि यह घटना तालाब के ऊपर से गुजर रहे बिजली कंडक्टर तार के टूटकर तालाब में गिरने से हुई है। इसी कारण तालाब के पानी में करंट उतरा था।
आसपास के लोगों ने बताया कि कई दिनों से तार टूटकर तालाब में गिरी हुई है, लेकिन सुबह बिजली न होने से हादसा टल गया। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी ली। इस बीच पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने मामले की जांच और मुआवजे की मांग की है।