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महामारी : मोहाली में नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला... 13 और लोगों की गई जान, 336 नए संक्रमित मिले

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मोहाली। जिले में कोरोना संक्रमण का संकट गहराया हुआ है। अब संक्रमण के केस कम होने लगे हैं, लेकिन मरीजों की मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को 13 मरीजों की कोरोनो से मौत हो गई। वहीं 336 लोग नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 1003 कोरोना को मात देकर जिंदगी की जंग जीते हैं।
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डीसी गिरीश दियालन ने लोगों से अपील की है कि हम सभी सख्त कदम उठाकर इस महामारी को मात दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वीकली लॉकडाउन लग गया है, जो कि सोमवार सुबह 5 बजे तक चलेगा। पूरे जिले को सील कर दिया गया है, जो भी लोग नियमों को ताक में रखकर निकलेंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंधी पुलिस को भी आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक जिले में 24 घंटे में 13 और लोग कोरोना से जंग हारे हैं। हालांकि महामारी से जान गंवाने वालों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। दूसरी तरफ अब लगातार कोरोना संक्रमण में कमी आ रही है। मोहाली शहर में अक्सर 200 से अधिक केस आते थे। इस दौरान वहां पर 105 केस आए हैं। इसके अलावा डेराबस्सी में 42, ढकोली में 63, लालड़ू में 27, बूथगढ़ में 18, घडुआं में 22, खरड़ में 48, कुराली में 8, बनूड़ के तीन केस शामिल हैं। वहीं, जिले में अब तक कोरोना के कुल 63612 केस सामने आए हैं। इनमें से 56376 लोग ठीक हो चुके हैं। 6402 मरीज सक्रिय हैं, जबकि मौतों की संख्या 834 पर पहुंच गई है।
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ब्लैक फंगस से निपटने की रणनीति बनी
मोहाली। कोरोना के साथ ब्लैक फंगस के खतरे को जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। डिप्टी कमिश्नर गिरीश दियालन ने लोगों को फंगस के संक्रमण से बचाने के लिए निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से बैठक की। उन्होंने कहा कि फंगस संक्रमण के बारे में जल्द पता लगाना, रोग और मौत दर को घटाने के लिए जानकारी का प्रसार बहुत जरूरी है।
डिप्टी कमिश्नर ने डाक्टरों को सलाह दी कि ऐसे मरीजों में बीमारी का जल्द पता लगाने के लिए एंडोस्कोपिक जांच होनी चाहिए। इससे पहले डा. अशोक के. गुप्ता, डायरेक्टर ईएनटी., फोर्टिस अस्पताल, मोहाली ने एक सेशन में बोलते हुए कहा कि म्यूकोर्मिकोसिस छूत की बीमारी नहीं है। इसकी जल्द जांच मरीजों में काले फंगस को नियंत्रित करने में सहायता कर सकती है।
बता दें एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों से लगभग 20 मरीजों को फोर्टिस, मोहाली में ओपीडी या इमरजेंसी सेवाओं के लिए रैफरल किया गया है। इनमें से पांच मरीजों को तुरंत सर्जिकल इलाज की जरूरत थी।
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