मोहाली। विधानसभा चुनाव में इस बार फर्जी तरीके से कोई भी व्यक्ति मतदान नहीं कर पाएगा। जिला निर्वाचन आयोग ने फर्जी मतदान पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत अब केवल फोटो वोटर स्लिप दिखाकर ही मतदान नहीं कर पाएंगे। बल्कि मतदाताओं के पास वोटर फोटो कार्ड (एपिक) या निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 शनाख्ती कार्डों में एक होना जरूरी किया गया है। डीसी ईशा कालिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ईशा कालिया ने बताया कि निर्वाचन आयोग फोटो वोटर कार्ड के अलावा इस बार पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनियां की तरफ से कर्मचारियों को जारी फोटोग्राफ वाला आई कार्ड, बैक/पोस्ट ऑफिस की तरफ से जारी फोटोग्राफ, पासबुक, पैन कार्ड, आरजीआई की तरफ से जारी स्मार्ट कार्ड, फोटोग्राफ वाला पेंशन दस्तावेज, एसपी/एमएलए/एमएमसी की तरफ से जारी अधिकारित पहचान पत्र और आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में शामिल किया है। डीसी ने बताया कि विदेशी वोटरों को सिर्फ अपनी पहचान वाला पासपोर्ट पेश करना होगा। कमीशन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वोटर फोटो शनाख्ती कार्ड के मामले में एंट्रियों में मामूली अंतर को नजर अंदाजा किया जाए। हालांकि इलेक्ट्रक्स फोटो शनाख्ती कार्ड में वोटरों की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि किसी वोटर के पास फोटो शनाख्ती कार्ड अगर किसी अन्य विधानसभा हलके के चुनाव रजिस्ट्रेशन अफसर द्वारा जारी किया गया तो ऐसे कार्ड को पहचान के लिए स्वीकार किया जाए। बशर्ते वोटर का नाम वोटिंग सूची में शामिल होना चाहिए। फोटो आदि से मेल न होने के मामले में वोटर को 11 विकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से एक पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि फोटो वोटर स्लिप को अब भी तैयार किया जाएगा, ताकि वोटरों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट डालने के लिए केवल फोटो स्लिप शनाख्ती कार्ड की मंजूरी नहीं दी जाएगी।