हरियाणा में गैरकानूनी किडनी केयर सेंटर और हीमोडायलसिस के मामले में जवाब देने में हुई देरी पर केंद्र सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने केंद्र और एमसीआई को कड़ी फटकार लगाई।
हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र और एमसआई का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। हाईकोर्ट पिछली सुनवाई के दौरान भी दोनाें पांच हजार रुपये जुर्माना लगा चुका है।
सिरसा निवासी मथूरा दास ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है।
याचिका में हा गया है कि हरियाणा में गैरकानूनी ऐसे संस्थान चल रहे हैं। यहां तक बिना कोई अनुभव या मेडिकल शिक्षा लिए कुछ लोग मरीजों का आपरेशन तक कर रहे हैं।
इसके लिए एलोपैथी की डिग्री होना अनिवार्य है। याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि गैरकानूनी चल रहे ऐसे चिकित्सा संस्थानाें को बंद करने के निर्देश जारी किए जाएं।
हरियाणा सरकार ने अपने जवाब में बताया कि भिवानी में चल रहा एमके अस्पताल बंद कर दिया गया है। अन्य संस्थानों की जांच की जा रही है।