पंजाब विधानसभा चुनाव में राज्य के बडे़-बड़े सियासी चेहरों को शिकस्त देने वाले आम आदमी पार्टी के विधायकों को पंजाब के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई, हालांकि वे सभी विधायक संतुष्ट हैं। विधायकों का कहना है कि हमारा लक्ष्य आम लोगों की सेवा करना है न कि पद की प्राप्ति करना। आम आदमी पार्टी में पद का नहीं, काम का महत्व है।
वहीं आम आदमी पार्टी पंजाब के सीनियर नेता अमन अरोड़ा शनिवार को राज्य मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाने के कारण काफी मायूस दिखाई दिए। हालांकि उन्होंने इसे लेकर पार्टी और पार्टी हाईकमान के प्रति किसी तरह की नाराजगी का इजहार न करते हुए कहा कि उन्हें पद का लालच नहीं है और पार्टी वर्कर के रूप में काम करते रहेंगे।
पंजाब राजभवन में 10 मंत्रियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा- हो सकता है मेरे काम में कोई कमी रही होगी। मैं उसमें सुधार करूंगा और अपनी पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। उन्हें पद का लालच नहीं है और पार्टी के एक वर्कर की तरह कार्य करते रहेंगे। मंत्री पद को लेकर हाईकमान ने जो भी फैसला लिया है, उन्हें वह स्वीकार है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के रूप में भगवंत मान के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल को लेकर शुरू हुई अटकलों में माना जा रहा था कि अमन अरोड़ा को वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि पहले 10 मंत्रियों में उनका नाम शामिल नहीं होने पर कयास लगाए जाने लगे कि पार्टी अपने इस सीनियर नेता को संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाकर लोकसभा भेज सकती है। भगवंत मान के धूरी से विधानसभा चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद संगरूर लोक सभा सीट खाली हो गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में कई पुराने सीनियर नेताओं को जगह नहीं मिलने पर भले ही इन नेताओं ने इसे पार्टी हाईकमान का फैसला करार देते हुए इस पर सहमति जता दी, लेकिन शनिवार को पंजाब राजभवन में ऐसे विधायकों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती थी। फिर भी किसी विधायक ने कोई शिकायत नहीं की।
2017 के चुनाव में आप विधायक चुनी गईं बलजिंदर कौर से जब पत्रकारों ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। मंत्री बने सभी विधायकों को उन्होंने हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी मुश्किल में थी, तब भी वह पार्टी के साथ रहीं हैं और आज भी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में हमारी पार्टी बड़े उतार-चढ़ाव से उभरी है। उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वह उसे निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम पार्टी के साथ उस समय भी खड़े रहे हैं जब बड़े नेता पार्टी छोड़कर जा रहे थे। उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। लोगों ने उन्हें दूसरी बार विधानसभा में चुनकर भेजा है, उनके लिए यही बड़ी प्राप्ति है।