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योग रखेगा निरोग: स्मॉग भरे वातावरण में भी बरकरार रखें तंदुरुस्ती, रोजाना आधा घंटा ही काफी है

Sat, 16 Nov 2024 03:54 PM IST
निवेदिता वर्मा राजीव शर्मा, संवाद, लुधियाना (पंजाब)

सार

पंजाब में हालत यह है कि खांसी, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत के मरीज अस्पतालों में बढ़ते जा रहे हैं, खास कर बच्चे एवं बुजुर्ग इससे बुरी तरह से प्रभावित हैं।
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yoga - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पंजाब के खेतों में जल रही पराली और धुंध के चलते आसमान में बिछी स्माॅग की चादर ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। एक तरफ वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ यह मौसम लोगों की सांसों पर भी भारी पड़ रहा है। 

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माहिरों का मानना है कि स्माॅग भरे इस वातावारण में भी योग तंदुरुस्ती के लिए कारगर है और योग के जरिये भी शारीरिक विकृतियों को दूर किया जा सकता है।

योग एक्सपर्ट एवं योग मंत्र संस्था के प्रवक्ता बीरभान गुप्ता कहते हैं कि योग मानव जीवन को हर हाल में निरोग रखता है। आजकल स्माग वाले मौसम में भी रोजाना सुबह के वक्त आधा घंटा कुछ योग क्रियाएं करके खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है। उनका कहना है कि इस मौसम में उष्ट आसन करने से फेफड़े ज्यादा खुलते हैं और सांस लेने में आसानी रहती है। इसके अलावा मत्स्य आसन करने से फेफड़ों के आठ हजार करोड़ छिद्र खुल जाते हैं। इन दोनों आसनों को करने से फेफड़ों पर प्रदूषण के कारण जमी कार्बन खत्म हो जाती है और फेफड़े फिर से तरोताजा हो जाते हैं।

प्राणायाम से करें परहेज

बीरभान कहते हैं कि वैसे तो ऐसे मौसम में प्राणायाम करने से परहेज करना चाहिए, लेकिन सहज भाव से आलोम विलोम करने से शरीर की गर्म एवं ठंडी नाड़ियां चलेंगी और इससे शरीर का संतुलन बना रहेगा। इससे शरीर में कार्बन नहीं जमेगा और शरीर में सफूर्ति रहेगी। उज्जयी प्रणायाम करके गले के दोष ठीक किए जा सकते हैं। कुंजल क्रिया करके शरीर को साफ रखा जा सकता है। इससे शरीर डिटाॅक्स होता है। बीरभान का कहना है कि यदि पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर उक्त क्रियाएं की जाएं तो बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। उनका कहना है कि ऐसे मौसम में गला, आंखों में दिक्कत आती है। खांसी एवं गले में खराश को सही करने के लिए रात को सोने से पहले गर्म पानी में त्रिकुटा, अजवायन एवं सेंधा नमक को लेकर गरारे करें, ध्यान रहे कि पानी गले से नीचे न जाए। इससे भी काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा बाहर जाते वक्त मास्क लगा कर ही जाएं। तैलीय भोजन से परहेज करें।
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