मथुरा हादसा- सर्च ऑपरेशन
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सुरक्षित निकाले गए लोगों में जगराओं के सुनील कुमार की पत्नी, यशु पुत्र रमेश बजाज और लवेश हैं। उन्हें रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। यात्रा चार दिन की थी, किराया चार हजार पांच सौ रुपये था। ज्यादातर श्रद्धालु रात के सफर के बाद थके थे, इसलिए धर्मशाला में आराम कर रहे थे। करीब तीस श्रद्धालु, जिनमें युवा शामिल थे, बांके बिहारी मंदिर दर्शन के बाद यमुना में गए थे।
मल्होत्रा मोबाइल दुकान के श्वेत जैन ने बताया कि यमुना में पीपों का पुल था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोला गया, जिससे ये पुल बहने लगे। इन्हीं बहते पुलों से टकराकर नाव पलटी। जैन के अनुसार, उन्होंने नाविक से नाव रोकने को कहा था, पर उसने नहीं रोका और टक्कर हुई।
मथुरा हादसे से पहले का वीडियो
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हादसे के बाद आसपास के नाविकों ने कई लोगों को बचाया। जगराओं के ज्यादातर श्रद्धालु फोगला आश्रम के पास रुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता ने बताया कि हादसे की जानकारी पर आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने यमुना तट से करीब दो किलोमीटर तक का क्षेत्र घेराबंदी करके बंद कर दिया।