मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के चंडीगढ़ स्थित आवास पर वर्ल्ड एमएसएमई फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा भी शामिल रहे। बैठक में राज्य में बढ़ रहे जीएसटी घोटालों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वर्ल्ड एमएसएमई फोरम के प्रेसिडेंट बदिश जिंदल ने बताया कि पंजाब में अभी भी ₹15,000 करोड़ से अधिक का टैक्स चोरी हो रही है, जिसमें विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य बिना बिल वाले सामान की मंडी बन चुका है और उत्तरदायी विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिंदल ने कहा कि 90 प्रतिशत टैक्स चोरी हाउसिंग सेक्टर में हो रही है।
मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को निर्देश दिए कि वह वर्ल्ड एमएसएमई फोरम के साथ इस मुद्दे पर अलग से बैठक कर सख्त कदम उठाएं, ताकि पंजाब में टैक्स चोरी पर लगाम लग सके।
इन्वेस्ट पंजाब पर उठे सवाल
बैठक में वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने मुख्यमंत्री को इन्वेस्ट पंजाब की नीतियों पर भी सुझाव दिए। फोरम ने कहा कि पहले से स्थापित उद्योगों को इन्वेस्ट पंजाब के तहत राहत नहीं मिल रही, जबकि नई यूनिट्स को मिलने वाली सस्ती बिजली और टैक्स छूट के कारण पुराने उद्योग बंद होने की कगार पर हैं।
जिंदल ने कहा कि कागजों में भले ही प्रक्रिया आसान दिखाई देती हो, मगर हकीकत में नियमों का पालन कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है, विशेषकर सीएलयू और निर्माण संबंधी अनुमतियों के लिए। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगामी औद्योगिक नीति में सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे प्रक्रियाएं आसान होंगी।
मंडी गोबिंदगढ़ के लिए सौर ऊर्जा क्लस्टर की मांग
बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा के सामने मंडी गोबिंदगढ़ के लिए अलग सौर ऊर्जा क्लस्टर बनाने की मांग रखी गई। जिंदल ने कहा कि वर्तमान में जहां उद्योगों को सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती है, वहीं सौर ऊर्जा दो से ढाई रुपये प्रति यूनिट में उपलब्ध हो सकती है। इस पर मंत्री अरोड़ा ने बताया कि विभाग ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को पंजाब की सभी शमलात जमीनों की सूची मांगी है, ताकि ग्रिड के पास सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बॉर्डर, कंडी और वन क्षेत्रों में हाई पोल्स के जरिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर विचार कर रही है। इससे उद्योगों को सस्ती बिजली सीधे उपलब्ध कराई जा सकेगी। इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए इस सप्ताह मुख्य सचिव के साथ अलग बैठक तय की गई है।