श्रम कानून का उल्लंघन रोकने और नियमों का सख्ती से पालन करने की मांग को लेकर मजदूरों ने रेलवे स्टेशन के बाहर वर्कर यूनियन की ओर से रैली की। इस दौरान अलग-अलग इलाकों से मजदूर अपनी मांगों के बैनर लेकर वहां पहुंचे।
ज्वाइंट काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन के महासचिव डीपी मोड़ ने कहा कि हौजरी और अन्य इंडस्ट्री में श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। काम करने का समय निश्चित नहीं है। नियमों के अनुसार किसी भी मजदूर से आठ घंटे से ज्यादा काम लेने पर ओवरटाइम देना जरूरी है। किसी भी मजदूर की हाजिरी नहीं लगाई जाती और न ही ईएसआई के कार्ड बनाए जाते हैं। मजदूरों का प्रोवीडेंट फंड भी जमा नहीं करवाया जाता।
फिरोज मास्टर ने कहा कि 14 सालों में हौजरी में पीस के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं जबकि महंगाई चार गुना बढ़ चुकी है। मजदूरों के पास रहने के लिए मकान नहीं है और न ही पीने के लिए साफ पानी। एटक के जिला प्रधान ओम प्रकाश मेहता ने कहा कि कानून के अनुसार हर मजदूर की फैक्टरी के अंदर हाजिरी और पहचान पत्र बनना जरूरी है।
कामरेड करतार सिंह बुआणी और डॉ. अरुण मित्रा ने सरकार से मांग की कि मजदूरों के रहने के लिए साफ सुथरी कालोनियां बनाई जाएं। साथ ही साफ पानी और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल खोले जाए। मजदूरों ने एक मांग पत्र डिप्टी कमिश्नर को दे मांगे मानने की मांग की। इस दौरान कामरेड बूटा सिंह, गुरनाम सिंह सिद्धू, केवल सिंह बनवेत, राम प्रताप, गुरमेल सिंह, कुलदीप बिंदर, ललित कुमार और मोहम्मद सहाबुद्दीन मौजूद थे।