अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए वन एवं वन्यजीव विभाग की विशेष टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी नकोदर क्षेत्र से हुई, जहां से तस्करों के पास से सांभर के सींग, हथ्थां-जोड़ी और जंगली बिल्ली की ज़ेर बरामद की गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने नकोदर में ग्राहक बनकर तस्करों से सौदा तय किया। जैसे ही तस्कर डिलीवरी के लिए सामान लेकर पहुंचे, टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी बोनी अरोड़ा ने पूछताछ में बताया कि यह सामान उसे शिवम गुप्ता ने भेजा था। शिवम गुप्ता की दुकान पर छापा मारने पर उसने यह स्वीकार किया कि वह जंगली जीवों के अंगों का अवैध व्यापार करता है और यह सामान उसने बोनी को भेजा था।
शिवम गुप्ता ने आगे बताया कि वह यह सामान दीपक उर्फ काला से खरीदता था, जो नकोदर में वलैती राम पंसारी एवं किराना स्टोर चलाता है। इसके बाद टीम ने दीपक उर्फ काला की दुकान पर भी छापा मारा, जहां से और भी जंगली जीवों के अंगों के टुकड़े बरामद हुए। तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधन 2003) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन रेंज अधिकारी जसवंत सिंह ने इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया और चेतावनी दी कि जंगली जीवों का अवैध व्यापार एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह विशेष टीम वन मंडल अधिकारी विक्रम सिंह कुंदरा के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर गठित की गई थी, जिसकी प्रमुख जिम्मेदारी जंगली जीवों के अंगों की तस्करी को रोकना थी।