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बल्लोके प्लांट से गंदा पानी बाईपास कर बुड्ढे नाले में फेंका जा रहा

Fri, 18 Dec 2015 09:15 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के दो सदस्यों संत बलबीर सिंह सीचेवाल और ललित शर्मा ने लुधियाना में पानी के ट्रीटमेंट प्लांटों का दौरा किया। इस दौरान बल्लोके के ट्रीटमेंट प्लांट में पानी बाईपास कर बुड्ढे नाले में फेंकने का मामला सामने आया है। यहां लगे दोनों प्लांट बिजली न होने के कारण बंद पाए गए। बल्लोके में एक 105 और दूसरा 152 मिलियन लीटर डिस्चार्ज के ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि बिजली न होने के कारण प्लांट चल नहीं रहे और जेनरेटर का भी इंतजाम नहीं किया गया था। इस अवसर पर पीपीसीबी के जोनल दफ्तर से निगरान इंजीनियर हरबीर सिंह एवं अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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संत सीचेवाल और ललित शर्मा ने अधिकारियों के साथ शहर की इंडस्ट्री के गंदे पानी को ट्रीट करने वाले सातों ट्रीटमेंट प्लांटों का दौरा किया। निगरान इंजीनियर हरबीर सिंह ने कहा कि शहर में करीब 750 एमएलडी पानी है। ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता 466 एमएलडी के करीब है। 1300 एमएलडी के करीब पानी बिना ट्रीट किए बुड्ढे नाले में जा रहा है।
लुधियाना में इलेक्ट्रोप्लेटिंग की करीब 1100 इकाईयां हैं और 250 डाइंग फैक्टरी हैं। बुड्ढे नाले में करीब 12 से अधिक जगहों पर गंदा पानी सीधा डाला जा रहा है। ताजपुर रोड पर 90 एमएलडी क्षमता के बनाए जा रहे दो ट्रीटमेंट प्लांट सरकारी ग्रांट न मिलने के कारण रूके हुए हैं। ग्रांट मिलने पर इन प्लांटों को छह माह में चालू किया जा सकता है। अन्य ट्रीटमेंट प्लांट भी अपनी क्षमता के मुताबिक परिणाम नहीं दे रहे हैं। संत सीचेवाल और ललित शर्मा ने अधिकारियों के साथ गांव वलीपुर का भी दौरा किया, जहां बुड्ढा नाला सतलुज नदी में मिलता है। वहां के हालात देख कर दोनों ने नाराजगी जताई। संत ने कहा कि यहां की स्थिति देखने से लगता है कि हालात अभी भी नहीं सुधरे। दोनों ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को बाईपास न किया जाए। इस मुद्दे को वह बोर्ड की बैठक में भी रखेंगे।
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