अधिक से अधिक वोटरों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रशासन ने इस बार निजी संगठनों के सहयोग से बाकायदा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान से मिले रिस्पांस को देखते हुए प्रशासन ने इस बार करीब 85 फीसदी मतदान कराने का लक्ष्य रखा है।
देश में पहले छह चरणों में हुए मतदान में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का जो ट्रेंड सामने आ रहा है। यही ट्रेंड लुधियाना में भी जारी रहने की संभावना है।
लुधियाना में वोटरों की संख्या करीब 15.60 लाख है। 85 फीसदी लक्ष्य पाने के लिए सवा 13 लाख वोटराें को मतदान केंद्रों पर पहुंचना होगा। जिला चुनाव अधिकारी कम डिप्टी कमिश्नर रजत अग्रवाल को उम्मीद है कि इस बार 85 फीसदी का लक्ष्य अवश्य हासिल कर लिया जाएगा।
लक्ष्य पूरा करने की राह में गरमी रोड़ा
पिछले दो दिनों से बढ़ी गर्मी और लू के साथ पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडरा रहा है। जानकारों का तर्क है कि ऐेसे में दोपहर के समय मतदान का रुझान कम हो सकता है। इससे लक्ष्य को पाने में कठिनाई आ सकती है।
मतदाताओं के लिए हैं कई तरह के ऑफर
2014 के चुनावों में मतदान की अवधि पहले से दो घंटे अधिक रहेगी। दूसरे चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदान केंद्रों पर वोटरों के लिए पानी, वेटिंग रूम समेत कई तरह की सहूलियतें मुहैया कराई जा रही हैं। युवा वोटरों को आकर्षित करने के लिए मतदान करने पर कई तरह के डिस्काउंट, खाने-पीने पर छूट और गारमेंट्स खरीद पर छूट इत्यादि कई तरह के ऑफर भी दिए जा रहे हैं।
सत्तर हजार वोट 18-20 आयु वर्ग के
लुधियाना में 2009 के संसदीय चुनावों में 12,97,366 वोट थे। इसमें से 64.77 फीसदी वोट पड़े थे। जबकि 2012 के विधानसभा चुनावों में लुधियाना में 13,88,038 वोट थे, लेकिन इनमें से 74 फीसदी वोट पड़े थे। 2014 के चुनावों में 15,59,851 लाख वोट बने हैं। इनमें से 7,25,208 वोट महिलाओं के और 8,34,643 वोट पुरुषों के हैं। करीब 70 हजार वोट 18 से बीस साल की उम्र के युवाओं के हैं।
इसमें से प्रशासन ने 85 फीसदी मतदान का टारगेट रखा था, लेकिन माहिरों का मानना है कि लुधियाना में इस बार मतदान का प्रतिशत पहले से अधिक रहेगा। मतदान कराने के लिए संसदीय सीट के 9 विधानसभा हलकों में 1652 पोलिंग बूथ और 748 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।