संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। गुरु नानक स्टेडियम में चल रही जिला स्तरीय जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक के निर्णायक मुकाबले के दौरान भारी बवाल हो गया। अंपायर बदलने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि स्पर्धा अखाड़े में तब्दील हो गई।
इस दौरान राज्य पदक विजेता गौतम शर्मा पर जानलेवा हमला किया गया जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पक्षपात करने की नीयत से प्रतिद्वंद्वी एथलीट के मार्गदर्शक को निर्णायक बनाया गया। गौतम शर्मा के भाई वरुण शर्मा और मुख्य कोच संजीव ने इस अनुचित फेरबदल का विरोध किया। इस पर नए रेफरी ने आपा खो दिया और गाली-गलौज करते हुए वरुण को थप्पड़ जड़ दिया। बहस के दौरान रेफरी ने गौतम पर तेजधार हथियार से वार कर दिया। गौतम के माथे पर दो टांके लगाने पड़े। पीड़ित खेमे का आरोप है कि यह घटना पूर्व नियोजित थी। उन्होंने बताया कि जालंधर में पिछली स्पर्धा के दौरान आरोपी कोच के खिलाफ शिकायत की गई थी। यह हमला उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए किया गया।
न्याय की गुहार
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने न्याय के लिए गुहार लगाई। पुलिस प्रशासन और प्रतियोगिता प्रबंधन से कोई सहयोग नहीं मिला। आयोजकों ने पीड़ित परिवार को पुलिस के पास जाने को कहा। कोई सुनवाई न होने पर पीड़ित पक्ष पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचा। उन्होंने लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगालने की मांग की है।
आरोपी पक्ष का खंडन
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए आरोपी अंपायर पक्ष ने सभी दावों को बेबुनियाद बताया। उनका तर्क है कि उन्हें नियमानुसार आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात किया गया था। विवाद खेल के दौरान दिए गए एक जायज फाउल के कारण शुरू हुआ। आरोपी का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने ही पहले अभद्रता और हाथापाई शुरू की थी। उन्होंने अपनी सामाजिक व पेशेवर साख को ठेस पहुंचाने के एवज में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।