अमृतसर। राज्य में राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट लागू करने को लेकर भाजपा के प्रांतीय महासचिव जगमोहन सिंह राजू ने एक बार फिर सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दलित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित कर रही है।
राजू ने बताया कि आरटीई एक्ट वर्ष 2009 में पारित हुआ और पूरे देश में 2010 से लागू है, लेकिन पंजाब में यह अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि राज्य में हर साल लगभग 70–80 हजार ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत दाखिला मिलना चाहिए। लेकिन अब तक करीब 10 लाख बच्चे इस अधिकार से वंचित रहे हैं। आरटीई के तहत हर प्राइवेट स्कूल को अपनी कुल सीटों के 25 फीसदी दाखिले दलित और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को देने होंगे। यदि कोई स्कूल इसका पालन नहीं करता, तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। राजू ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने तीन किलोमीटर के दायरे के निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाएं और सरकार पर जोर दें कि आरटीई एक्ट को जल्द लागू किया जाए। संवाद