लुधियाना पुलिस के साथ क्रास फायरिंग के दौरान गोली लगने से घायल हुए लुटेरे अमृतराज सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुखविंदर सिंह गरेवाल के बेटे उदय सिंह गरेवाल की मुलाकात एक महीना पहले ही हुई थी। दोनों साथ लगते गांव के रहने वाले थे तो उनकी मुलाकातें भी बढ़ गई। जिसके बाद दोनों ने लूट की योजना बनाई। सूत्र बताते हैं कि आरोपियों ने यह प्लान कर रखा था कि पेट्रोल पंप से लूट के पैसे और एटीएम मशीन से निकलने वाले पैसों से हथियार खरीदे जाएंगे और उसके बाद गिरोह को बढ़ाया जाएगा ताकि लूट की ज्यादा वारदातों को बड़े स्तर पर अंजाम दिया जा सके।
आरोपी अपना बड़ा गिरोह तैयार कर लूट की बड़ी योजनाएं बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। आरोपियों ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली थी और यह भी तय कर लिया था कि वह हथियार कहां से खरीदेंगे और इसके साथ साथ कैसे नौजवानों को अपने साथ जोड़ेंगे। मगर इससे पहले आरोपी खुद ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कमिश्नरेट पुलिस अब लगातार आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अमृतराज को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
थाना फोकल प्वाइंट पुलिस की हिरासत में चल रहे उदय सिंह गरेवाल को शनिवार सीआईए टू की टीम ट्रांजिट रिमांड पर ले आई थी। अब यह बात सामने आ रही है कि अब कमिश्नरेट पुलिस दोनों को आमने सामने बैठा कर पूछताछ करेगी। आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उनकी प्लानिंग क्या थी और उन्होंने किन किन लोगों को लूटने की योजना बनाई थी। इसके अलावा आरोपी हथियार कहां से खरीद कर लाए थे और आगे के हथियार किससे खरीद करने थे।
अमृतराज के हिस्से में आई थी करोड़ों रुपये की जायदाद
अमृतपाल भी उदय सिंह गरेवाल की तरह अच्छे परिवार से संबंध रखता है। आरोपी अमृतपाल से पूछताछ के दौरान पता चला कि वह दो भाई है और उसकी मां ने दोनों भाईयों में बराबर बराबर जायदाद बांट दी थी। हैबोवाल इलाके में अमृतराज के पास करोड़ों रुपये की जायदाद पड़ी है। कुछ जायदाद तो उसने बेच दी है और उसी से अपना गुजारा कर रहा है, जबकि कुछ जायदाद उसने किराए पर दे रखी है और कुछ बेचने की फिराक में है। आरोपी के पास कोई काम धंधा नहीं था, लेकिन उसके शौक काफी बड़े थे। जिस कारण खर्च पूरा नहीं होता था तो आरोपी ने लूटपाट की योजना बनाई।