पंजाब की सबसे बड़ी जेल और बीस बीस फुट ऊंची दीवारें होने के बावजूद भी जेल में सुरक्षा को चकमा देकर मोबाइल फोन लेकर जा रहे हैं। सीआरपीएफ के मुलाजिम तैनात होने के बावजूद भी अपराधी अंदर मोबाइल फोन के साथ साथ आपत्तिजनक सामान लेकर जा रहे है। सेंट्रल जेल में जब जांच टीमें गईं तो कुछ हवालातियों ने अपने फोन ही लावारिस छोड़ दिए, जबकि दो आरोपी फोन के साथ काबू कर लिए गए।
लावारिस हालत में आठ मोबाइल फोन मिले हैं। थाना डिविजन सात की पुलिस ने सहायक सुपरिंटेंडेंट सुखदेव सिंह की शिकायत पर सुखकिरण सिंह और जोगिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सहायक सुपरिंटेंडेंट सुखदेव सिंह द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक बुधवार पुलिस, जेल गार्द और सीआरपीएफ ने मिल कर सेंट्रल जेल की अलग अलग बैरकों में सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान दोनों हवालातियों से दो मोबाइल फोन मिले। जबकि 8 मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़े मिले।
दूसरी ओर एक दिन पहले डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने माना है कि पंजाब की जेलें गैंगस्टरों व आतंकियों के लिए सेफ जोन बन गई हैं। वहां बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत है। जेल में 14 हजार में आराम से मोबाइल फोन मिल जाता है। तस्कर अंदर बैठकर ड्रग्स रैकेट चला रहे है। उन्होंने कहा कि जेल मंत्री, गृह मंत्री, वो खुद और एडीजीपी जेल उन पर लगाम कसने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। जल्दी ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।