लुधियाना। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू और मंत्री भारत भूषण आशु के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिद्धू की महिलाओं के लिए की गई घोषणाओं के बाद मंत्री पत्नी ममता आशु ने पहले ट्वीट कर मोर्चा खोला था। इसमें प्लीज हमारी बोली न लगाएं जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया था। हालांकि इस ट्वीट में मंत्री पत्नी और पार्षद ममता आशु ने पीएम मोदी सहित नेताओं को टैग किया था।
सोमवार को बरनाला में रैली के दौरान सिद्धू ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाओं का एलान किया था, इसलिए यह ट्वीट राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना था। अब बुधवार को नवजोत सिद्धू ने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से लेकर स्वामी विवेकानंद के विचार देकर पलटवार किया है।
अपने ट्वीट में नवजोत सिद्धू ने कहा कि पंजाब माडल में महिला सशक्तिकरण के रोड मैप में कुछ फ्री नहीं है। यह सब कुछ भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश की तरह है। हमारे राष्ट्र और समाज के निर्माण में घरेलू महिलाओं के योगदान को कभी मान्यता नहीं दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है कि यह धारणा कि घरेलू महिलाएं काम नहीं करती या वह घर में आर्थिक योगदान नहीं देती है, एक समस्या पैदा करने वाला विचार है। इसलिए उन्हें दो हजार रुपये और रसोई गैस सिलिंडर दे रहा हूं। अगर एक लड़की को शिक्षित किया जाता है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। पंजाब माडल का उद्देश्य हर महिला के लिए स्कूल से लेकर कालेज तक शिक्षा के प्रति उत्साहित करना है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि किसी राष्ट्र की तरक्की का सबसे उत्तम पैमाना महिलाओं के प्रति उस राष्ट्र का सलूक है। हमारी मातृ भूमि में महिलाएं आधे की साझेदार हैं, फिर भी वह पंजाब में सिर्फ 1.8 फीसदी जमीन की मालिक हैं। इसलिए पंजाब माडल बिना किसी रजिस्ट्रेशन फीस जमीन जायदाद महिलाओं को नाम करने की व्यवस्था है।